भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आधिकारिक हैंडल से कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला गया है। बीजेपी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस की राजनीति को ‘कॉम्प्रोमाइज’ (समझौते) की राजनीति करार देते हुए चार ऐतिहासिक उदाहरण पेश किए हैं।
बीजेपी द्वारा लगाए गए 4 प्रमुख आरोप:
1. संप्रभुता से समझौता (नेहरू काल): बीजेपी ने आरोप लगाया कि पंडित नेहरू के कार्यकाल में देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हुआ। पोस्ट में दावा किया गया कि उस दौर में CIA की पहुंच सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक थी और नेहरू के करीबी एम.ओ. मथाई पर अमेरिकी एजेंट होने के आरोप लगे थे।
2. 1972 का शिमला समझौता (इंदिरा काल): कांग्रेस की कूटनीति पर सवाल उठाते हुए बीजेपी ने कहा कि 1971 के युद्ध में सेना के शौर्य से मिली जीत को इंदिरा गांधी ने मेज पर गंवा दिया। 93,000 युद्धबंदियों और कब्जे वाली जमीन के बदले भारत को कुछ हासिल नहीं हुआ, और हमारे 54 लापता जवान (Missing 54) आज तक वापस नहीं आ सके।
3. चीन के साथ गुप्त MOU (सोनिया काल): बीजेपी ने 2008 में कांग्रेस और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के बीच हुए समझौते का मुद्दा फिर उठाया। आरोप लगाया गया कि इस समझौते के कारण भारतीय बाजारों में चीनी सामान की बाढ़ आई और आयात शुल्क (Import Duty) को 12.5% से घटाकर 2.5% कर दिया गया, जिससे घरेलू उद्योगों को नुकसान हुआ।
4. विदेशी मदद की गुहार (वर्तमान दौर): बीजेपी ने मणिशंकर अय्यर के पुराने बयानों और राहुल गांधी के विदेशी दौरों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी ही चुनी हुई सरकार को गिराने के लिए पाकिस्तान और अन्य विदेशी ताकतों से मदद मांगती है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल:
राहुल गांधी के उस बयान— “हम मर जाएंगे मगर कॉम्प्रोमाइज नहीं करेंगे” —पर कटाक्ष करते हुए बीजेपी ने सवाल किया है कि क्या उनका इतिहास वास्तव में इस दावे का समर्थन करता है?
बीजेपी का यह हमला ऐसे समय में आया है जब देश में चुनावी माहौल गर्माया हुआ है और राहुल गांधी लगातार विदेशी धरती पर भारत के लोकतंत्र को लेकर बयान दे रहे हैं।


