टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के हाथों मिली 76 रनों की करारी शिकस्त ने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को झकझोर कर रख दिया है। अहमदाबाद में मिली इस हार ने न केवल भारत के सेमीफाइनल की राह कठिन कर दी है, बल्कि टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत की इस शर्मनाक हार के 7 मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. शीर्ष क्रम का पूरी तरह फ्लॉप होना
भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ माने जाने वाले शीर्ष क्रम ने इस महत्वपूर्ण मैच में घुटने टेक दिए। ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। शुरुआती झटकों के कारण टीम कभी भी 188 रनों के विशाल लक्ष्य के करीब नहीं पहुंच पाई।
2. उपकप्तान अक्षर पटेल को बाहर करना
मैनेजमेंट का सबसे चौंकाने वाला फैसला टीम के उपकप्तान और इन-फॉर्म ऑलराउंडर अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से बाहर करना रहा। उनकी जगह वाशिंगटन सुंदर को शामिल किया गया, लेकिन यह बदलाव टीम के पक्ष में नहीं रहा। अक्षर की बल्लेबाजी और कसी हुई गेंदबाजी की कमी साफ खली।
3. पावरप्ले में खराब गेंदबाजी
भारतीय गेंदबाजों ने पावरप्ले के दौरान अफ्रीकी बल्लेबाजों को हाथ खोलने के पूरे मौके दिए। शुरुआती ओवर्स में विकेट न मिलने के कारण क्विंटन डिकॉक और डेविड ब्रेविस ने ठोस नींव रख दी, जिसका फायदा उठाकर मिलर ने अंत में आतिशी बल्लेबाजी की।
4. डेविड मिलर और ब्रेविस की साझेदारी
दक्षिण अफ्रीका के लिए डेविड मिलर (63) और डेविड ब्रेविस (45) के बीच हुई 97 रनों की साझेदारी मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। भारतीय स्पिनर बीच के ओवरों में इस जोड़ी को तोड़ने में नाकाम रहे, जिससे प्रोटियाज टीम 180 पार पहुंच गई।
5. स्पिन विभाग का फीका प्रदर्शन
नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच पर स्पिनरों से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन भारतीय स्पिनर बेअसर दिखे। वहीं, इसके विपरीत दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज और तबरेज शम्सी ने भारतीय बल्लेबाजों को अपनी उंगलियों पर नचाया।
6. टीम चयन में निरंतरता का अभाव
सुपर-8 जैसे बड़े मंच पर अचानक प्लेइंग इलेवन में बदलाव करना टीम के संतुलन को बिगाड़ गया। विशेषज्ञों का मानना है कि महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को बेंच पर बैठाना और रणनीतिक चूक भारत पर भारी पड़ी।
7. दक्षिण अफ्रीका की सटीक फील्डिंग
प्रोटियाज टीम ने मैदान पर शानदार मुस्तैदी दिखाई। उन्होंने न केवल बाउंड्री रोकीं, बल्कि सूर्यकुमार यादव जैसे खतरनाक खिलाड़ियों के कठिन कैच लपककर भारत को संभलने का कोई मौका नहीं दिया।


