भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की के दीक्षांत समारोह में शनिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने युवा स्नातकों को मौजूदा दौर के अवसरों और तकनीकी बदलावों के संदर्भ में खुद को बेहद खास पीढ़ी का हिस्सा बताया। डोभाल ने कहा कि पिछले करीब एक हजार वर्षों की तुलना में आज की पीढ़ी के सामने आगे बढ़ने और दुनिया को प्रभावित करने के कहीं अधिक अवसर मौजूद हैं।
‘आप 1000 साल में सबसे भाग्यशाली पीढ़ी’
अजीत डोभाल ने छात्रों से कहा कि उन्हें शायद इस बात का पूरी तरह एहसास नहीं है कि वे किस दौर में दुनिया में कदम रख रहे हैं। उनके मुताबिक, पिछली कई पीढ़ियों को कठिन परिस्थितियों, संघर्ष और सीमित अवसरों का सामना करना पड़ा, जबकि आज युवाओं के पास शिक्षा, तकनीक और वैश्विक स्तर पर काम करने के पहले से कहीं अधिक साधन हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में भी कई क्षेत्रों में बदलाव आया है। तकनीकी प्रगति ने ज्ञान और अवसरों तक पहुंच को व्यापक बनाया है। डोभाल ने छात्रों को इस बदलाव को समझने और इसका जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करने की बात कही।
तकनीक बनेगी विकास की बड़ी ताकत
NSA ने अपने संबोधन में तकनीक की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्र ऐसे समय में पेशेवर दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं, जब तकनीक किसी भी देश और समाज की प्रगति की सबसे महत्वपूर्ण ताकतों में से एक होगी।
उन्होंने छात्रों से केवल अपनी व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रहने और अपनी क्षमता का इस्तेमाल बड़े सामाजिक उद्देश्यों के लिए करने का संदेश दिया। उनके संबोधन में शिक्षा, नवाचार और देश के विकास के बीच संबंध पर भी जोर रहा।
अपने शुरुआती करियर का अनुभव भी सुनाया
डोभाल ने छात्रों को अपने शुरुआती करियर से जुड़ा एक अनुभव भी बताया। उन्होंने कहा कि जब वह युवा आईपीएस अधिकारी थे और सिक्किम में खुफिया जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उस दौरान सीमा क्षेत्र में एक खुफिया मिशन से जुड़ी टीम कई दिनों तक वापस नहीं लौटी। बाद में पता चला कि टीम को चीनी बलों ने हिरासत में लिया था।
उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें लगा था कि यह घटना उनके करियर के लिए गंभीर संकट बन सकती है। हालांकि जांच के बाद उन्हें जिम्मेदार नहीं माना गया और सामने आया कि मिशन से जुड़े नक्शों और स्केच में खामियां थीं।
2701 छात्रों को मिलेंगी डिग्रियां
IIT रुड़की का दीक्षांत समारोह 19 और 20 सितंबर को आयोजित हो रहा है। दो दिनों में कुल 2701 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जानी हैं। पहले दिन स्नातक छात्रों का दीक्षांत समारोह हुआ, जिसमें डोभाल मुख्य अतिथि और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे समारोह की अध्यक्षता कर रहे हैं।
दूसरे दिन स्नातकोत्तर, पीएचडी और एमएस बाय रिसर्च के विद्यार्थियों को डिग्रियां दी जाएंगी। समारोह में छात्रों से तकनीकी क्षमता को समाज और देश की जरूरतों से जोड़ने की अपेक्षा भी सामने आई।


