भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र ऐतिहासिक टेस्ट मैच के तीसरे दिन एक ऐसा स्वर्णिम इतिहास रच दिया है, जो महिला क्रिकेट जगत में हमेशा के लिए अमर हो गया है। यास्तिका क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले प्रतिष्ठित लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर टेस्ट शतक लगाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि और मुकाबले की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं:
यास्तिका की यादगार पारी और रिकॉर्ड्स
चोट के बाद टेस्ट टीम में वापसी कर रही बाएं हाथ की बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने बेहद परिपक्वता और आक्रामकता का परिचय दिया:
यास्तिका ने इंग्लैंड के खिलाफ भारत की दूसरी पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 158 गेंदों में 113 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसमें 14 आकर्षक चौके शामिल रहे। उन्होंने अपना शतक 145 गेंदों में पूरा किया था।
- अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक: यह न केवल यास्तिका के टेस्ट करियर का, बल्कि उनके पूरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर (वनडे और टी20 को मिलाकर) का पहला शतक है।
- लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर नाम: इस शतक के साथ ही यास्तिका ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक ‘ऑनर्स बोर्ड’ (Honours Board) पर अपना नाम दर्ज करा लिया है।
- सौरव गांगुली की बराबरी: वह पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली (1996 में 131 रन) के बाद लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली भारत की दूसरी बाएं हाथ की (Left-Handed) बल्लेबाज बन गई हैं।
मैच की स्थिति: जीत की दहलीज पर भारत
यास्तिका के शतक और अन्य बल्लेबाजों के योगदान की बदौलत भारतीय टीम ने इस मुकाबले पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है:
भारत की दूसरी पारी: टीम इंडिया ने तीसरे दिन अपनी दूसरी पारी 7 विकेट पर 341 रन बनाकर घोषित की। यास्तिका (113) के अलावा सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 70 रन बनाए, जबकि ऋषा घोष ने महज 52 गेंदों में नाबाद 50 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। इंग्लैंड के लिए स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने 5 विकेट चटकाए।
- इंग्लैंड को मिला विशाल लक्ष्य: पहली पारी की बढ़त (भारत के 285 के जवाब में इंग्लैंड 170 रन पर सिमट गया था) के आधार पर भारत ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 497 रनों का विशाल लक्ष्य रखा।
- संकट में इंग्लैंड: लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम तीसरी दिन का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में 130 रन पर 6 विकेट खोकर बेहद मुश्किल में है। इंग्लैंड को मैच जीतने के लिए अभी भी 327 रनों की जरूरत है, जबकि भारत को जीत के लिए केवल 4 विकेट चटकाने हैं।
लॉर्ड्स के मैदान पर खेले जा रहे पहले महिला टेस्ट मैच में यास्तिका से पहले भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहली पारी में 5 विकेट लेकर ऑनर्स बोर्ड में जगह बनाई थी। अब यास्तिका के इस ऐतिहासिक शतक ने भारतीय फैंस और ड्रेसिंग रूम को जश्न मनाने का एक और बड़ा मौका दे दिया है।


