टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली करारी हार के बाद भारतीय टीम प्रबंधन अब प्लेइंग-11 में बदलाव करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। सबसे बड़ी चर्चा विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन की वापसी को लेकर है। जिम्बाब्वे के खिलाफ 26 फरवरी को चेन्नई में होने वाले महत्वपूर्ण मैच से पहले टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर में फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
अभिषेक शर्मा: लगातार फ्लॉप शो
युवा ओपनर अभिषेक शर्मा के लिए यह विश्व कप अब तक किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। उन्होंने पिछले चार मैचों में महज 15 रन बनाए हैं, जिसमें लगातार तीन मैचों में वह शून्य (डक) पर आउट हुए। प्रबंधन उनके खराब फॉर्म और फिटनेस (हाल ही में पेट में संक्रमण) को देखते हुए संजू सैमसन को उनके स्थान पर बतौर ओपनर या नंबर 3 पर आजमा सकता है।
तिलक वर्मा: स्पिन के खिलाफ संघर्ष
नंबर 3 पर खेल रहे तिलक वर्मा भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में भारतीय मध्यक्रम स्पिनरों के सामने बेबस नजर आया। तिलक वर्मा भी स्पिन के खिलाफ संघर्ष करते दिखे। संजू सैमसन के पास स्पिन खेलने का बेहतर अनुभव है और वह एक ‘राइट हैंड’ विकल्प भी देते हैं। टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता को कम करने के लिए तिलक को बेंच पर बैठाया जा सकता है।
शिवम दुबे: गेंदबाजी का विकल्प बनाम बल्लेबाजी की जरूरत
हालांकि शिवम दुबे ने कुछ मैचों में उपयोगी पारियां खेली हैं, लेकिन उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि टीम इंडिया एक अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज (सैमसन) को लाना चाहती है और हार्दिक पांड्या छठे गेंदबाज की भूमिका निभाते हैं, तो दुबे की जगह खतरे में पड़ सकती है। चेन्नई की पिच स्पिनरों के लिए मददगार होती है, ऐसे में टीम एक अतिरिक्त बल्लेबाज या विशेषज्ञ स्पिनर (अक्षर पटेल) को लाने के लिए दुबे को बाहर कर सकती है।
संजू सैमसन क्यों हैं जरूरी?
टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने संकेत दिया है कि टॉप ऑर्डर में एक दाएं हाथ के बल्लेबाज (Right-hander) की कमी खल रही है। संजू सैमसन न केवल इस कमी को पूरा करते हैं, बल्कि उनकी आक्रामक बल्लेबाजी विपक्षी स्पिनरों के लय को बिगाड़ सकती है।


