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    जिस SIR पर भारत में हुआ बवाल, उसे अमेरिका में लागू करेगी ट्रंप सरकार?

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत की चुनावी प्रणाली की सार्वजनिक रूप से तारीफ करने के बाद वैश्विक और अमेरिकी राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है। आगामी अमेरिकी मिड-टर्म इलेक्शन (मध्यावधि चुनाव) से ठीक पहले ट्रंप ने भारत के मतदाता पहचान मॉडल, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनावी सुरक्षा का हवाला देते हुए अमेरिका में मतदान नियमों को कड़ा करने का मुद्दा उठाया है।

    ट्रंप की दलील और SAVE अमेरिका एक्ट

    ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के साथ हुई चर्चा का जिक्र करते हुए लिखा कि इतने बड़े देश में हर नागरिक के पास वैध फोटो पहचान पत्र (Photo ID) होना अनिवार्य है, जबकि अमेरिका में कई स्थानों पर इसके बिना भी मतदान की अनुमति है।

    • SAVE अमेरिका एक्ट पर जोर: ट्रंप इस उदाहरण का इस्तेमाल SAVE (Safeguard American Voter Eligibility) अमेरिका एक्ट को पास कराने के लिए कर रहे हैं। इस विधेयक के तहत संघीय चुनावों में मतदान के लिए अमेरिकी नागरिकता का दस्तावेजी प्रमाण और फोटो आईडी अनिवार्य करने का प्रस्ताव है।
    • डाक/मेल-इन वोटिंग पर रोक: ट्रंप ने ध्यान दिलाया कि भारत में 64 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 1% से भी कम लोग पोस्टल बैलेट (डाक) से वोट डालते हैं, जबकि अमेरिका में लगभग 29% लोग मेल-इन वोटिंग चुनते हैं। वे इसे फर्जीवाड़े का जरिया बताते हुए डाक मतदान पर सख्त पाबंदियां लगाना चाहते हैं।

    क्या अमेरिका में लागू होगा भारत का ‘SIR’ मॉडल?

    भारत में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची (Voter List) की गहन जांच करना और फर्जी, मृत या स्थानांतरित नामों को हटाकर सूची को पारदर्शी बनाना है।

    हालांकि, अमेरिका में चुनावी कानून प्रत्येक राज्य के अपने अधिकारों के अधीन आते हैं, फिर भी ट्रंप प्रशासन SAVE अमेरिका एक्ट के जरिए भारत की ही तरह ‘नागरिकता सत्यापन और मतदाता सूची शुद्धिकरण’ की अवधारणा अपनाना चाहता है। दोनों प्रणालियों में मूल समानता यही है कि मतदान का अधिकार केवल सत्यापित और पात्र नागरिकों तक ही सीमित रहे।

    राजनीतिक मायने और वैश्विक असर

    1. आगामी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी अपने मुख्य चुनावी एजेंडे ‘चुनाव सुरक्षा और अवैध वोटिंग रोकने’ को भुनाना चाहती है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की लोकतांत्रिक और चुनावी मशीनरी की मजबूती व विश्वसनीयता वैश्विक स्तर पर सर्वमान्य है। ट्रंप भारत के विशाल लोकतंत्र की फोटो आईडी और प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली को अमेरिका के लिए एक आदर्श मॉडल की तरह पेश कर रहे हैं।
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