देश के एक बड़े हिस्से में भीषण गर्मी और लू (हिटवेव) का प्रकोप लगातार जारी है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह त्रस्त हो चुका है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक के मैदानी इलाकों में आसमान से आग बरस रही है। तेज धूप और चिलचिलाती गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है।
बांदा रहा देश का सबसे गर्म शहर
मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश का बांदा शहर 47.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया है। इसके अलावा हरियाणा का सिरसा भी 46 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ बुरी तरह तप रहा है। दिल्ली-एनसीआर में पारा 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पंजाब के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
क्यों पड़ रही है इतनी खतरनाक गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस भीषण गर्मी की मुख्य वजह ‘नौतपा’ का चलना है। ज्योतिष और मौसम विज्ञान दोनों में नौतपा को साल के सबसे गर्म नौ दिन माना जाता है। इस अवधि में सूर्य की सीधी किरणें सीधे मैदानी इलाकों पर पड़ती हैं, जिससे भूमि और वायुमंडल का तापमान तेजी से बढ़ जाता है। मौसम विभाग का कहना है कि 28 मई तक उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।
कब मिलेगी राहत और कहां होगी बारिश?
भीषण गर्मी से बेहाल लोगों के लिए राहत की खबर यह है कि 28 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से 28 और 29 मई को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश (पूर्वी व पश्चिमी) के कई इलाकों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान धूल भरी आंधी चलने और हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा (कुछ स्थानों पर 70 किमी/घंटा तक) पहुंचने का अनुमान है। इस मौसमी बदलाव के कारण तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को लू से बड़ी राहत मिलेगी।
देश के अन्य हिस्सों का हाल
एक तरफ जहां उत्तर व मध्य भारत गर्मी से जूझ रहे हैं, वहीं पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा और मिजोरम) में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण भारत के राज्यों जैसे केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। केरल और तमिलनाडु के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह
मौसम विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं चलने की आशंका के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। भले ही पश्चिमी विक्षोभ से कुछ दिनों के लिए तापमान गिरेगा, लेकिन पूरी तरह से ठंडक मानसून के आगमन के बाद ही मिलेगी।


