उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण पहाड़ी राज्यों में जहां बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है, वहीं दिल्ली-NCR समेत मैदानी इलाकों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। ऊंचे पहाड़ी इलाकों में कहीं-कहीं बर्फबारी भी देखी जा सकती है।
- पर्यटकों के लिए चेतावनी: अचानक बदलते मौसम को देखते हुए सैलानियों को पहाड़ी रास्तों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
- तापमान में गिरावट: बारिश के कारण पहाड़ों में सुबह और रात की ठंड अभी बनी रहेगी।
दिल्ली-NCR: गर्मी का ‘येलो अलर्ट’
मैदानी इलाकों, विशेषकर राजधानी दिल्ली में स्थिति इसके ठीक उलट है। पश्चिमी विक्षोभ के पहाड़ों से गुजरने के बाद मैदानी इलाकों में शुष्क और गर्म हवाएं चलने लगी हैं।
- बढ़ता पारा: दिल्ली में अधिकतम तापमान 40°C से 42°C के बीच पहुंचने का अनुमान है। अप्रैल के मध्य में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।
- न्यूनतम तापमान में वृद्धि: रात के तापमान में भी उछाल आया है, जिससे अब रातें भी गर्म होने लगी हैं।
- लू (Heatwave) की आशंका: मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि तापमान में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली के कुछ हिस्सों में ‘लू’ की स्थिति बन सकती है।
अन्य राज्यों का हाल
दिल्ली के अलावा हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में भी गर्मी का प्रकोप बढ़ने वाला है। राजस्थान के कई जिलों में पारा 43 डिग्री के पार जा सकता है। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा है।
स्वास्थ्य संबंधी सलाह
बढ़ती गर्मी और लू से बचने के लिए डॉक्टरों ने कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं:
- दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें; पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ (नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी) लें।
- हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और बाहर निकलते समय सिर को ढक कर रखें।
अप्रैल का यह महीना मिला-जुला मौसम लेकर आया है। जहां पहाड़ों की सैर करने वालों को बारिश का सामना करना पड़ेगा, वहीं मैदानों में रहने वालों को भीषण गर्मी के लिए तैयार रहना होगा। फिलहाल अगले एक हफ्ते तक गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।


