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    वैभव सूर्यवंशी का उग्र प्रदर्शन सुर्खियों में, BCCI ने कार्रवाई पर अब यह कहा

    भारत ए (India A) के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) और श्रीलंका ए के खिलाड़ी विशेन हलंबागे के बीच मैदान पर हुई तीखी झड़प का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। डंबुला में खेले गए ट्राई-नेशन ए सीरीज के एक रोमांचक मुकाबले में भारत की सुपर ओवर में हार के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी बहस देखने को मिली थी।

    सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो वायरल होने के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि आईसीसी (ICC) के नियमों के उल्लंघन के चलते भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) वैभव पर कोई सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है। अब इस पूरे विवाद पर बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने चुप्पी तोड़ी है और बोर्ड का रुख पूरी तरह साफ कर दिया है।

    कार्रवाई के सवाल पर बीसीसीआई का जवाब: “हमारा कोई रोल नहीं”

    बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने साफ शब्दों में कहा कि बोर्ड इस मामले में हस्तक्षेप करने या वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई करने पर विचार नहीं कर रहा है। उन्होंने इसके पीछे दो मुख्य तर्क दिए:

    1. मैच रेफरी का अधिकार क्षेत्र: सैकिया ने स्पष्ट किया कि मैदान पर या मैच के तुरंत बाद होने वाली अनुशासनहीनता की घटनाओं पर फैसला लेने का अधिकार पूरी तरह से ऑन-फील्ड अंपायरों और मैच रेफरी के पास होता है। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर यह अटकलें चल रही हैं कि बीसीसीआई कार्रवाई कर सकता है, लेकिन क्या आप चाहते हैं कि बीसीसीआई मैच रेफरी के अधिकार क्षेत्र में दखल दे? हम ऐसे मामलों में निर्णय लेने वाली अथॉरिटी नहीं हैं। हमें उस क्षेत्र में दखल नहीं देना चाहिए जहां रेफरी अधिकृत हैं।”
    2. गलत परंपरा से बचाव: बोर्ड का मानना है कि ऐसे मामलों में सीधे दखल देने से एक गलत मिसाल या परंपरा शुरू हो सकती है, इसलिए नियमों के तहत जो भी फैसला होगा वह मैच रेफरी का ही मान्य होगा।

    युवा खिलाड़ियों को बीसीसीआई की बड़ी सलाह

    कार्रवाई से इनकार करने के साथ ही बीसीसीआई सचिव ने युवा खिलाड़ियों को एक महत्वपूर्ण नसीहत भी दी है। उन्होंने कहा कि इंडिया ए की टीम एक बहुत बड़े और महत्वपूर्ण टूर्नामेंट (ट्राई-सीरीज) का हिस्सा है। इस टीम में देश के सभी उभरते हुए खिलाड़ी शामिल हैं, जो आने वाले समय में सीनियर नेशनल टीम (Team India) के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।

    • ध्यान भटकने से बचें: देवजीत सैकिया ने कहा, “खिलाड़ियों को मैदान के बाहर के इन विवादों या साइड इश्यूज से ध्यान भटकाने के बजाय सिर्फ और सिर्फ अपने खेल पर फोकस करना चाहिए। हमारे लिए इस समय सबसे महत्वपूर्ण बात भारत की जीत और इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन है।”
    • कोच और सपोर्ट स्टाफ की जिम्मेदारी: जब उनसे पूछा गया कि क्या बोर्ड ने इस संबंध में वैभव से सीधे बात की है, तो उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट के दौरान देश के लिए खेल रहे खिलाड़ियों से सीधे बात करना बोर्ड का काम नहीं है। उनके साथ मुख्य कोच (साईराज बहुतुले) और पूरा सपोर्ट स्टाफ मौजूद है, जो खिलाड़ियों की रणनीति और मानसिक स्थिति पर ध्यान दे रहा है।

    क्या था पूरा विवाद?

    भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेला गया यह मुकाबला टाई रहा था, जिसके बाद बेहद खराब रोशनी के बीच सुपर ओवर खेला गया। श्रीलंका ने सुपर ओवर में 16 रन बनाए, जिसके जवाब में भारतीय टीम 9 रन ही बना सकी। मैच खत्म होने के बाद जब वैभव सूर्यवंशी पवेलियन लौट रहे थे, तब श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलंबागे ने उन्हें स्लेज किया और कथित तौर पर “मैच ओवर, नाउ यू गो होम” (मैच खत्म, अब घर जाओ) कहा। इसके बाद बात इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच शारीरिक संपर्क (धक्का-मुक्की) तक की नौबत आ गई, जिसे बाद में साथी खिलाड़ियों और अंपायरों ने शांत कराया।

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