भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 से क्लीन स्वीप किया। इस सीरीज जीत के सबसे बड़े हीरो 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने अपने आक्रामक खेल से हरारे स्पोर्ट्स क्लब में जमकर धूम मचाई। श्रृंखला के तीसरे और अंतिम टी20 मैच में 81 रनों की तूफानी पारी खेलने के बाद उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और पूरी सीरीज में शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया। दोनों बड़े पुरस्कार हासिल करने के बाद युवा बल्लेबाज ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए इसे एक “सपने के सच होने जैसा” पल करार दिया।
“यह मेरे लिए सपना सच होने जैसा”: वैभव सूर्यवंशी
मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में बोलते हुए वैभव ने अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। पहला प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज पुरस्कार मिलना मेरे लिए एक सपना सच होने जैसा पल है। जब हम हरारे पहुंचे थे, तब से हमारी तैयारी काफी अच्छी रही। कोच, कप्तान श्रेयस अय्यर और पूरी टीम ने मेरा पूरा समर्थन किया, जिससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा।”
अपनी बल्लेबाजी शैली और रणनीति पर बात करते हुए वैभव ने कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना स्वाभाविक खेल खेलने की कोशिश की।
- स्वाभाविक खेल: “मेरा प्रयास हमेशा टीम को एक मजबूत और तेज शुरुआत दिलाने का रहता है। अगर शुरुआत अच्छी मिल जाए, तो मैं उस पारी को बड़े स्कोर में बदलने की कोशिश करता हूँ।”
- अभ्यास का असर: “जो चीजें मैं नेट सत्रों और अभ्यास के दौरान करता हूँ, मैदान पर भी वही दोहराने का प्रयास करता हूँ। हरारे मेरे लिए खास मैदान है क्योंकि मैं यहाँ अंडर-19 विश्व कप भी खेल चुका हूँ।”
सीरीज में वैभव का शानदार प्रदर्शन
जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी का बल्ला जमकर बोला:
- पहला टी20: मात्र 19 गेंदों में 50 रन बनाकर पुरुषों के टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे कम उम्र में अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड बनाया।
- तीसरा टी20: 49 गेंदों में 8 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 81 रनों की आक्रामक पारी खेली।
- कुल रन: 3 पारियों में 196.10 के स्ट्राइक रेट से कुल 151 रन बनाए।
युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से गदगद दिखे कप्तान श्रेयस अय्यर
भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे श्रेयस अय्यर ने भी टीम के प्रदर्शन और युवाओं के निडर रवैये की सराहना की। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ मिली असफलताओं के बाद यह भारत की दमदार वापसी रही।
कप्तान श्रेयस ने कहा कि इन युवा खिलाड़ियों में जबरदस्त ऊर्जा और निडरता है। जब खिलाड़ी मैदान पर जिम्मेदारी लेते हैं और खुद मैच जिताते हैं, तो कप्तान के रूप में इससे बड़ी कोई बात नहीं होती। तीसरे मैच में भारत के 192/5 के जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 157/7 पर ही रुक गई और भारत ने 35 रनों से मुकाबला जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली।


