दलीप ट्रॉफी 2026 में युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा से सबका ध्यान खींचा है। इस बार चर्चा उनके बल्ले की नहीं, बल्कि गेंदबाजी की है। ईस्ट जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन के बीच खेले जा रहे क्वार्टर फाइनल मुकाबले में 15 वर्षीय वैभव ने अपनी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी से कमाल करते हुए एक ही ओवर में दो विकेट झटक लिए। उनके इस प्रदर्शन ने नॉर्थ ईस्ट जोन की दूसरी पारी को मुश्किल में डाल दिया।
वैभव ने नॉर्थ ईस्ट जोन की दूसरी पारी के दौरान 27वां ओवर फेंका। ओवर की दूसरी गेंद पर उन्होंने किशन लिंगदोह को 25 रन के निजी स्कोर पर आउट कराया। लिंगदोह ने 40 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया था। इसके बाद वैभव ने उसी ओवर की पांचवीं गेंद पर इमलीवाती लेमटूर को भी अपना शिकार बना लिया। लेमटूर सिर्फ तीन गेंदों पर चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
बल्ले से निराशा, गेंद से धमाल
इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी का दलीप ट्रॉफी डेब्यू बल्लेबाजी के लिहाज से खास नहीं रहा था। वह ईस्ट जोन की पहली पारी में केवल आठ रन बनाकर आउट हो गए थे। उन्होंने शुरुआत में लगातार दो चौके जरूर लगाए, लेकिन छह गेंदों के भीतर उनकी पारी समाप्त हो गई। इसके बाद उनकी बल्लेबाजी को लेकर चर्चा शुरू हुई, लेकिन दूसरी पारी में गेंद हाथ में आते ही उन्होंने जवाब अपने प्रदर्शन से दिया।
वैभव मुख्य रूप से आक्रामक बल्लेबाज के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन वह बाएं हाथ के धीमे ऑर्थोडॉक्स स्पिनर भी हैं। एक ही ओवर में दो विकेट लेकर उन्होंने यह संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर वह टीम के लिए गेंद से भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। दोनों विकेटों में फील्डरों की भूमिका भी अहम रही और ईस्ट जोन को लगातार सफलता मिली।
ईस्ट जोन की मजबूत स्थिति
मैच में ईस्ट जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मजबूत स्कोर खड़ा किया था। टीम की ओर से सुदीप घरामी और शाहबाज अहमद ने शानदार शतक लगाए, जिससे नॉर्थ ईस्ट जोन पर दबाव बढ़ गया। इसके बाद ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने पहली पारी में भी शानदार प्रदर्शन किया और विपक्षी टीम को मुश्किल में डाल दिया।
नॉर्थ ईस्ट जोन फॉलोऑन खेलने के बाद दूसरी पारी में भी संघर्ष करता नजर आया। इसी दौरान वैभव सूर्यवंशी की गेंदबाजी ने मैच का रोमांच बढ़ा दिया। रिपोर्ट के अनुसार, उनके दो विकेटों के बाद नॉर्थ ईस्ट जोन की स्थिति सात विकेट पर 79 रन तक पहुंच गई थी।
वैभव सूर्यवंशी अभी सिर्फ 15 साल के हैं और घरेलू क्रिकेट में लगातार नए अनुभव हासिल कर रहे हैं। दलीप ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित रेड-बॉल टूर्नामेंट में उन्हें ईस्ट जोन का उपकप्तान भी बनाया गया है। बल्लेबाजी में असफल रहने के बाद उसी मैच में गेंदबाजी से वापसी करना उनके आत्मविश्वास और बहुमुखी क्षमता को दर्शाता है।
कुल मिलाकर, एक ही ओवर में दो विकेट लेकर वैभव ने साबित कर दिया कि विरोधी टीम के लिए खतरा सिर्फ उनके बल्ले से नहीं है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह युवा खिलाड़ी बल्लेबाजी के साथ-साथ अपनी गेंदबाजी को भी कितना बड़ा हथियार बनाता है।


