बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओं—शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ—की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने प्रसिद्ध इलायची ब्रांड (विमल इलायची) के विज्ञापनों में शामिल होने को लेकर तीनों अभिनेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई ‘सरोगेट एडवरटाइजिंग’ (छद्म विज्ञापन) के नियमों के कथित उल्लंघन और जनस्वास्थ्य से जुड़े संवेदनशील विज्ञापनों को बढ़ावा देने के संदर्भ में की गई है।
एफडीए (FDA) द्वारा नोटिस जारी करने की मुख्य वजहें
- सरोगेट एडवरटाइजिंग पर शिकंजा: एफडीए और स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि ‘इलायची’ के नाम पर असल में गुटखा और तंबाकू ब्रांड का अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार (Surrogate Advertising) किया जाता है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और स्वास्थ्य दिशानिर्देशों के तहत इस तरह के भ्रामक विज्ञापनों पर सख्त पाबंदी है।
- जनस्वास्थ्य पर असर: मशहूर हस्तियों द्वारा ऐसे उत्पादों का प्रचार करने से युवा वर्ग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। स्वास्थ्य संगठनों और नागरिक समूहों ने लंबे समय से इन विज्ञापनों के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई थी।
- जवाबदेही तय करना: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) और FDA के नए नियमों के तहत, मशहूर हस्तियों (Celebrities) को किसी भी उत्पाद का समर्थन करने से पहले उसकी सत्यता और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव की पड़ताल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नोटिस का विवरण और कार्रवाई
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| संबंधित हस्तियां | शाहरुख खान, अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ |
| ब्रांड | विमल इलायची (Vimal Elaichi) |
| कार्रवाई करने वाली संस्था | खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) |
| मुख्य आरोप | सरोगेट विज्ञापन नियम 2022 का उल्लंघन और भ्रामक प्रचार |
| समय सीमा | अभिनेताओं को निश्चित समय के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश |
पहले भी विवादों में रहा है मामला
यह पहली बार नहीं है जब तंबाकू या पान मसाला ब्रांड्स से जुड़े इलायची विज्ञापनों पर विवाद हुआ है:
- अक्षय कुमार का मामला: इससे पहले अक्षय कुमार भी इस ब्रांड के विज्ञापन से जुड़े थे, लेकिन सार्वजनिक विरोध और प्रशंसकों की निराशा के बाद उन्होंने ब्रांड से खुद को अलग कर लिया था और माफी मांगते हुए विज्ञापन से मिलने वाली फीस को सामाजिक कार्यों में देने का ऐलान किया था।
- अमिताभ बच्चन का कदम: सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी कानूनी नोटिस मिलने के बाद एक अन्य पान मसाला ब्रांड के साथ अपना अनुबंध समाप्त कर दिया था।
एफडीए ने स्पष्ट किया है कि यदि अभिनेताओं की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार जुर्माना लगाने या विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।


