केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना और जातिगत आंकड़ों के संकलन की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जाति जनगणना के फॉर्म में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की गणना के लिए एक अलग कॉलम (गणना स्तंभ) नहीं रखना केंद्र सरकार की एक ‘गहरी राजनीतिक और सामाजिक साजिश’ है।
कांग्रेस के मुख्य आरोप और बिंदु
- अधिकारों का हनन: कांग्रेस के ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि अलग कॉलम न होने से ओबीसी समुदाय की वास्तविक जनसंख्या और आंकड़ों का सही पता नहीं चल सकेगा।
- सामाजिक न्याय पर हमला: पार्टी के अनुसार, ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम न रखना सामाजिक न्याय के स्थापित सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन है। कांग्रेस का तर्क है कि इससे कल्याणकारी योजनाओं, आरक्षण नीतियों और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण में बड़ी बाधा उत्पन्न होगी।
- पारदर्शिता पर सवाल: कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की तरह ही पिछड़ा वर्ग (OBC) की गिनती के लिए भी प्रपत्र (Form) में एक स्पष्ट और स्वतंत्र कॉलम होना बेहद जरूरी है।
राजनीतिक मायने और विवाद की पृष्ठभूमि
| विषय | कांग्रेस का रुख | सरकार पर आरोप |
|---|---|---|
| OBC कॉलम की मांग | एससी/एसटी की तर्ज पर ओबीसी का अलग कॉलम बने। | ओबीसी की वास्तविक आबादी को छिपाने की कोशिश। |
| सामाजिक भागीदारी | डेटा मिलने से नौकरियों और शिक्षा में सही हिस्सेदारी तय होगी। | योजनाओं और संसाधनों से पिछड़ा वर्ग को वंचित रखना। |
| गणना प्रक्रिया | बिना अलग कॉलम के आंकड़े अधूरे और भ्रामक रहेंगे। | नीतिगत फैसलों में पारदर्शिता खत्म करने का प्रयास। |
आगे की रणनीति
कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन और जनजागरण अभियान चलाने का संकेत दिया है। पार्टी का कहना है कि वे संसद से लेकर सड़कों तक ओबीसी समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे और केंद्र सरकार को जनगणना के प्रारूप में बदलाव कर अलग कॉलम जोड़ने पर मजबूर करेंगे।


