देश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, कुछ समय की सुस्ती के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों और दक्षिण के तटीय इलाकों में प्री-मानसून और मानसून की गतिविधियों के कारण मौसम काफी बदल गया है।
मानसून का आगे बढ़ना और भारी बारिश की चेतावनी
आईएमडी (IMD) के अनुसार, अगले 48 घंटों के भीतर मानसून के महाराष्ट्र (मुंबई समेत), तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।
- पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत: असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। पिछले 24 घंटों में इन इलाकों में रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा ओडिशा और बिहार में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
- दक्षिण भारत: केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।
उत्तर और पश्चिम भारत: आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट
उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। पिछले 24 घंटों में पंजाब के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं।
बादल फटने से तबाही: जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले के कंडी इलाके में रविवार देर रात अचानक बादल फटने (Cloudburst) से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। कई निचले इलाके पानी में डूब गए, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
राजस्थान में धूल भरी आंधी का ‘ऑरेंज अलर्ट’
पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में मौसम विभाग ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है। राज्य के कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जो कुछ स्थानों पर बढ़कर 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को आंधी के दौरान खुले स्थानों पर न जाने और वाहन चलाते समय बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है।
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इसके विपरीत, हिमाचल के ऊना में तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो फिलहाल राज्य में सबसे गर्म इलाका बना हुआ है।


