बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (राजेश रंजन) के दिल्ली स्थित आवास पर हुए कथित हमले और जान से मारने की कोशिश के बाद राजधानी की राजनीति गरमा गई है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए इस घटनाक्रम के बाद सांसद ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए हत्या की गहरी साजिश रचने की आशंका जाहिर की है।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
रविवार (2 अगस्त 2026) को नई दिल्ली में एक प्रेसवार्ता के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने पप्पू यादव पर जूता फेंकने की कोशिश की। सांसद के समर्थकों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि हमलावर के पास धारदार चाकू भी था। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद समर्थकों ने हमलावर को दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आरोपी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से आया था और उसके साथ एक अन्य सहयोगी भी मौजूद था। इससे पहले पप्पू यादव ने संसद परिसर में साधु के वेश में चढ़ावा एकत्र किया था, जहाँ राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने चंदा दिया था। इसके बढ़ से संत समाज नाराज हो गया।
“मैंने क्या अपराध किया?” – पप्पू यादव का तीखा सवाल
हमले के बाद मीडिया से बात करते हुए पप्पू यादव काफी भावुक और आक्रामक नज़र आए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा:
“मैंने इस देश की जनता, युवाओं, छात्रों और पीड़ितों की आवाज उठाने के अलावा क्या अपराध किया है? क्यों मेरी और मेरे परिवार की हत्या की साजिश रची जा रही है?”
उन्होंने कहा कि हालिया राम मंदिर स्किट विवाद और जनहित के मुद्दों पर लगातार बोलने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
लगातार मिल रही थीं धमकियां
पप्पू यादव ने खुलासा किया कि उन्हें पिछले कई दिनों से लगातार धमकियां मिल रही थीं। इससे पहले 29 जुलाई को उनकी आधिकारिक वेबसाइट के शिकायत पोर्टल (Grievance Portal) के माध्यम से एक धमकी भरा संदेश भेजा गया था, जिसमें उन्हें गोली मारने और पूरे परिवार को बम से उड़ाने का दावा किया गया था। इसके संबंध में नई दिल्ली जिला पुलिस को लिखित शिकायत दर्ज कराकर FIR की मांग भी की गई थी।
दिल्ली पुलिस पर मिलीभगत के आरोप
पप्पू यादव के वकील ने दिल्ली पुलिस पर लापरवाही और मिलीभगत का सीधा आरोप लगाया है। वकील का कहना है कि सांसद द्वारा लगातार धमकियों की जानकारी और साक्ष्य देने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा कवर नहीं दिया गया।
मामले पर गरमाई सियासत
घटना के बाद बिहार और दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने एक जनप्रतिनिधि पर दिनदहाड़े हुए इस हमले और सुरक्षा में चूक को लेकर सरकार व दिल्ली पुलिस को घेरा है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है और घटना के पीछे के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।


