पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दार्जिलिंग में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि राज्य की जनता अब परिवर्तन के लिए पूरी तरह तैयार है। अमित शाह ने रैली में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा बंगाल इस बार बदलाव का मन बना चुका है। उन्होंने नारा दिया कि “अब दीदी को हटाने का समय आ गया है” और आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासन में राज्य का विकास पूरी तरह ठप हो गया है।
- दार्जिलिंग और गोरखा समुदाय: गृह मंत्री ने दार्जिलिंग के स्थानीय मुद्दों और गोरखा समुदाय की आकांक्षाओं पर जोर देते हुए कहा कि भाजपा ही उनकी समस्याओं का स्थायी राजनीतिक समाधान निकाल सकती है। उन्होंने कहा कि “हम गोरखा भाइयों के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
- भ्रष्टाचार और घुसपैठ का मुद्दा: शाह ने एक बार फिर भ्रष्टाचार और सीमा पार से हो रही घुसपैठ को अपना मुख्य चुनावी हथियार बनाया। उन्होंने कहा कि बंगाल को घुसपैठ मुक्त बनाने के लिए भाजपा की सरकार बनाना अनिवार्य है। साथ ही, उन्होंने संदेशखाली जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी राज्य सरकार को घेरा।
- विकास का रोडमैप: उन्होंने वादा किया कि यदि बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो उत्तर बंगाल के पर्यटन और चाय बागान उद्योगों के लिए विशेष पैकेज दिए जाएंगे। उन्होंने केंद्र की योजनाओं को राज्य में लागू न करने देने के लिए भी ममता बनर्जी की आलोचना की।
शाह का आज का चुनावी कार्यक्रम:
दार्जिलिंग के अलावा अमित शाह आज पश्चिम बंगाल में तीन और महत्वपूर्ण रैलियों को संबोधित करने वाले हैं। उनके आज के कार्यक्रम में कलिम्पोंग और सिलीगुड़ी जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र भी शामिल हैं।
गृह मंत्री का यह दौरा बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भाजपा की पकड़ मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा के लिए बंगाल चुनाव केवल सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि राज्य के “सोनार बांग्ला” के पुनर्निर्माण का मार्ग है। आगामी चरणों के मतदान से पहले शाह की यह सक्रियता चुनावी माहौल को और अधिक गरमा रही है।


