भीषण गर्मी और लू के बीच दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने करवट ली है। धूल भरी आंधी, गरज-चमक और तेज हवाओं ने जहां एक ओर तापमान में गिरावट लाकर राहत दी है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में तबाही भी मचाई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है।
क्यों आ रहे हैं मानसून से पहले ये तूफान?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून से पहले (Pre-Monsoon) इस तरह के तूफान सामान्य हैं, लेकिन इस बार इनकी तीव्रता अधिक होने के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
- वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ): हिमालयी क्षेत्रों में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। जब उत्तर-पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों की अत्यधिक गर्म हवाओं से टकराती हैं, तो वायुमंडल में अस्थिरता पैदा होती है, जिससे आंधी और गरज के साथ बौछारें पड़ती हैं।
- चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation): उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर एक चक्रवातीय हवाओं का घेरा बना हुआ है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाएं इस सिस्टम को और मजबूत कर रही हैं।
- भीषण गर्मी और ‘हीट लो’: मैदानी इलाकों में तापमान 45°C के पार पहुंच गया है। अत्यधिक गर्मी के कारण जमीन के पास की हवा हल्की होकर ऊपर उठती है, जिससे कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure) बनता है। इस खाली जगह को भरने के लिए ठंडी और नमी वाली हवाएं तेजी से आती हैं, जो तेज आंधी का रूप ले लेती हैं।
IMD का अलर्ट और प्रभाव
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
- हवा की गति: आंधी के दौरान हवाओं की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।
- धूल भरी आंधी: राजस्थान और दिल्ली में धूल भरी आंधी (Dust Storm) के कारण दृश्यता (Visibility) कम होने की संभावना है।
- फसलों को नुकसान: विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तेज हवाएं और ओलावृष्टि आम और लीची जैसी बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान
| क्षेत्र | मौसम की स्थिति | अलर्ट का प्रकार |
| दिल्ली-NCR | धूल भरी आंधी और हल्की बारिश | ऑरेंज अलर्ट |
| पश्चिमी UP | गरज-चमक और तेज हवाएं | येलो अलर्ट |
| पूर्वी भारत (बिहार/बंगाल) | मध्यम से भारी बारिश | येलो अलर्ट |
| राजस्थान | तीव्र धूल भरी आंधी | ऑरेंज अलर्ट |
एक्सपर्ट की सलाह
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह ‘प्री-मानसून एक्टिविटी’ मानसून के आने का संकेत भी है, लेकिन चक्रवातीय गतिविधियों के कारण इस बार यह अधिक हिंसक है। लोगों को सलाह दी गई है कि आंधी के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर इमारतों से दूर रहें।
भारत में इस साल मानसून के समय पर (1 जून के आसपास केरल तट) पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन तब तक उत्तर और मध्य भारत को इसी तरह के उतार-चढ़ाव भरे मौसम का सामना करना पड़ सकता है।


