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    कॉकरोच जनता पार्टी में 100 प्रतिशत पुरुष, प्रियंका चतुर्वेदी ने उठाए सवाल, अभिजीत ने बताई वजह

    शिक्षा व्यवस्था की कथित विफलताओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों के खिलाफ सोशल मीडिया पर उभरी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) इन दिनों लगातार सुर्खियों में है। संगठन ने अपने सांगठनिक विस्तार के तहत तीन आधिकारिक प्रवक्ताओं की नियुक्ति की घोषणा की. हालांकि, इन नियुक्तियों के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद छिड़ गया है।

    शिवसेना (UBT) की नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने संगठन में महिला प्रतिनिधित्व न होने को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं, जिस पर पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी मजबूरी जाहिर करते हुए जवाब दिया है।

    प्रवक्ताओं की नियुक्ति और प्रियंका चतुर्वेदी का तंज

    पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर घोषणा की कि खोजी पत्रकार सौरव दास संगठन के मुख्य प्रवक्ता होंगे, जबकि राजनीतिक शोधकर्ता व फिल्म निर्माता विजेता दहिया और पूर्व प्रबंधन सलाहकार आशुतोष रांका भी मीडिया और जनता के सामने संगठन का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस घोषणा के तुरंत बाद पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए एक्स पर पोस्ट किया, “तो कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत संस्थापक, सह-संस्थापक और प्रवक्ता के रूप में 100 प्रतिशत पुरुष प्रतिनिधित्व के साथ हुई है। ठीक है, अब आगे और जानने के लिए उत्सुक हूं।”

    अभिजीत दीपके ने बताई महिला सदस्यों की मजबूरी

    प्रियंका चतुर्वेदी के इस सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि संगठन में महिलाओं की भागीदारी है, लेकिन वे सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रही हैं. दीपके ने लिखा,

    “हमने अपनी महिला टीम सदस्यों को प्रवक्ता की भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन कई महिला सदस्यों ने साफ तौर पर कहा कि संगठन को लगातार मिल रहे ऑनलाइन हमलों और धमकियों (Online Attacks and Threats) के कारण वे फ्रंटफुट पर आने के बजाय बैक-एंड से सक्रिय रहकर काम करना पसंद करेंगी। हम उनके इस फैसले और सुरक्षा की चिंता का पूरा सम्मान करते हैं।”

    इसके साथ ही दीपके ने उन युवा महिलाओं को खुला आमंत्रण भी दिया जो इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहती हैं और बिना किसी डर के प्रवक्ता के रूप में आगे आने को तैयार हैं।

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी

    गौरतलब है कि नीट (NEET), सीबीएसई (CBSE) और सीयूईटी (CUET) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक को लेकर यह संगठन युवाओं और छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संगठन 6 जून को दिल्ली में एक बड़ा और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए संस्थापक अभिजीत दीपके भी भारत लौट रहे हैं। इस आंदोलन को प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला है।

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