अयोध्या में भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और निर्माण समिति के अधिकारियों के अनुसार, पूरे राम मंदिर परिसर का निर्माण कार्य इसी वर्ष सितंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, परिसर में बन रहे भव्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के संग्रहालय (Museum) को मार्च 2027 तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
निर्माण कार्य की मुख्य अद्यतन (Updates)
- परकोटा और सप्तमंडपम का कार्य: मंदिर के चारों ओर 800 मीटर लंबे आयताकार ‘परकोटे’ का निर्माण और इसमें स्थित 6 मंदिरों का कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। इसके अतिरिक्त, परिसर में बनने वाले ‘सप्तमंडपम’ (जिसमें महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, शबरी और अहिल्या के मंदिर शामिल हैं) का काम भी अंतिम रूप में है।
- यात्री सुविधा केंद्र (PFC): श्रद्धालुओं के आवागमन, सामान रखने और आराम के लिए बन रहा ‘पिलग्रिम फैसिलिटी सेंटर’ बनकर तैयार हो चुका है और इसके आंतरिक फिनिशिंग का काम चल रहा है।
- सुरक्षा व्यवस्था व लैंडस्केपिंग: परिसर में आधुनिक सुरक्षा उपकरण, सीसीटीवी निगरानी तंत्र, जल निकासी और हरित पट्टी (Green Belt) की लैंडस्केपिंग का काम सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
संग्रहालय (Museum) और रामायण रिसर्च सेंटर
- अंतरराष्ट्रीय स्तर का संग्रहालय: राम जन्मभूमि परिसर में बन रहा संग्रहालय मार्च 2027 तक बनकर तैयार होगा। इसमें 1992 से लेकर अब तक मंदिर आंदोलन, खुदाई में मिले प्राचीन अवशेष, राम मंदिर के इतिहास और रामकथा से जुड़े दुर्लभ अभिलेख प्रदर्शित किए जाएंगे।
- डिजिटल और ऑडियो-विजुअल गैलरी: संग्रहालय में अत्याधुनिक 3D प्रोजेक्शन, वर्चुअल रियलिटी और ऑडियो गाइड की सुविधा होगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु राम मंदिर आंदोलन के संघर्ष और स्थापत्य कला की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
ट्रस्ट के अनुसार, सितंबर 2026 में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद रामनगरी अयोध्या में श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं और अद्वितीय धार्मिक-सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त होगा।


