देशभर में मई के महीने में मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण लू (Heatwave) और रिकॉर्डतोड़ गर्मी की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधियां और चक्रवातीय सिस्टम राहत बनकर बरस रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई मैदानी इलाकों में अगले पांच दिनों के लिए गंभीर लू की चेतावनी (Severe Heatwave Alert) जारी की है।
मैदानी इलाकों में गर्मी का सितम: पारा 45°C के पार उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सूरज की तपन और शुष्क पछुआ हवाओं के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है। मौसम केंद्र ने चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों के लिए पांच दिनों तक ‘सीवियर हीट वेव’ का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान दोपहर के समय लोगों को घरों से बाहर न निकलने और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इन राज्यों में आंधी-बारिश देगी बड़ी राहत
एक तरफ जहां उत्तर भारत झुलस रहा है, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में प्री-मानसून सक्रिय है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, केरल से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक फैले लगभग 3000 किलोमीटर लंबे बादलों के बेल्ट (मेसोस्केल कन्वेक्टिव सिस्टम) और समुद्र के बढ़ते तापमान के कारण निम्नलिखित क्षेत्रों में बारिश की प्रबल संभावना है:
- दक्षिण भारत: केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान है। मानसून की समय से पहले अंडमान निकोबार द्वीप समूह में एंट्री हो चुकी है, जिससे दक्षिणी तटीय इलाकों में प्री-मानसून की बौछारें जारी रहेंगी।
- पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल के हिमालयी क्षेत्र और सिक्किम में अगले 3-4 दिनों के दौरान तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
- मध्य और पश्चिमी भारत में आंशिक राहत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर हवा के कम दबाव और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से छिटपुट आंधी-तूफान और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों की सलाह: हीटवेव प्रभावित क्षेत्रों के लोग सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। वहीं, बारिश और तूफान वाले क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए खराब मौसम के दौरान पेड़ों और कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण न लें।


