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    लू के थपेड़ों से जल्द राहत की उम्मीद, इन राज्यों में तेज हवाओं के साथ होगी बारिश

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी और लू (Heatwave) से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों के मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। अगले चार से पांच दिनों तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है।

    पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और राहत

    मौसम विभाग ने बताया कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो गया है, जिसका असर मैदानी इलाकों पर भी दिखेगा। इसके परिणामस्वरूप, धूल भरी तेज हवाएं चलने और आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे चिलचिलाती धूप से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

    राज्यों के लिए अलर्ट

    • उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी के जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। विभाग ने धूल भरी आंधी को लेकर भी चेतावनी जारी की है।
    • पंजाब और हरियाणा: इन राज्यों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
    • पहाड़ी क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में मध्यम बारिश और बर्फबारी के आसार हैं, जिससे निचले इलाकों में ठंडी हवाएं चलेंगी।
    • राजस्थान: राज्य के उत्तरी भागों में धूल भरी आंधी चलने की संभावना है, जिससे विजिबिलिटी कम हो सकती है।

    तापमान और लू की स्थिति
    पिछले एक हफ्ते से उत्तर भारत के कई शहरों में पारा 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था। लू के थपेड़ों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था। हालांकि, इस मौसमी बदलाव के कारण अब लू का प्रभाव कम होगा। IMD ने स्पष्ट किया है कि मई की शुरुआत तक मौसम सुहावना बना रहेगा, लेकिन उसके बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है।

    मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें, क्योंकि तेज हवाएं और अचानक बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके अलावा, आंधी के दौरान लोगों को पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की हिदायत दी गई है। यह बदलाव न केवल गर्मी से राहत देगा बल्कि वायु प्रदूषण के स्तर में भी कुछ कमी ला सकता है। कुल मिलाकर, उत्तर भारत के लिए आगामी पांच दिन राहत भरे साबित होने वाले हैं।

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