संसद के बजट सत्र 2026 के दूसरे दिन, आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) पेश होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने सरकार के विजन को स्पष्ट करते हुए ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ (Reform, Perform and Transform) के मंत्र को अपनी सरकार की असली पहचान बताया।
रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार हो चुका है और यह यात्रा अब और भी तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने संसद के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया कि उनके सकारात्मक सहयोग से सुधारों की प्रक्रिया को नई ऊर्जा मिल रही है। पीएम ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार केवल तत्कालीन समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि देश को “लंबे समय से लंबित समस्याओं” से बाहर निकालकर “दीर्घकालिक समाधानों” की ओर ले जा रही है।
21वीं सदी के दूसरे क्वार्टर का पहला बजट
पीएम मोदी ने इस बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है और यह अगले क्वार्टर की शुरुआत है। उन्होंने इसे ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
संबोधन की मुख्य बातें:
- ऐतिहासिक क्षण: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नौवीं बार लगातार बजट पेश कर रही हैं, जो भारतीय संसदीय इतिहास में एक रिकॉर्ड है।
- यूरोपीय संघ के साथ FTA: प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का जिक्र किया। उन्होंने इसे भारतीय युवाओं, किसानों और विनिर्माताओं के लिए “अवसरों का द्वार” बताया।
- मानव-केंद्रित विकास: उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सभी नीतियां और तकनीक का उपयोग ‘मानव-केंद्रित’ (Human-centric) है। तकनीक का उपयोग सिस्टम को सशक्त बनाने के लिए होगा, न कि मानवीय संवेदनाओं को कम करने के लिए।
युवाओं और निवेशकों के लिए संदेश
प्रधानमंत्री ने भारतीय निर्माताओं से गुणवत्ता (Quality) पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के बाजार भारत के लिए खुल रहे हैं, तो हमें ‘जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट’ के मंत्र के साथ सर्वोत्तम उत्पाद पेश करने होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आत्मविश्वास से भरा भारत आज दुनिया के लिए “आशा की किरण” बना हुआ है।
”राष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ भारतीयों के भरोसे और युवाओं की आकांक्षाओं का खाका है। मुझे विश्वास है कि इस बजट सत्र में सार्थक चर्चा होगी जो देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।” — पीएम नरेंद्र मोदी


