उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। दिल्ली-एनसीआर समेत कई इलाकों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय कई मौसमी प्रणालियों के कारण अगले दो-तीन दिनों तक मौसम में बदलाव जारी रहने की संभावना है। दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम समेत आसपास के इलाकों में बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज हवाओं का असर
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में बृहस्पतिवार से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी मौसम इसी तरह रहने का अनुमान है। दिल्ली में अगले कुछ दिनों के दौरान तापमान में बहुत बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है, लेकिन बारिश और तेज हवा के कारण उमस से कुछ राहत मिल सकती है।
20 सितंबर तक बारिश के आसार
आईएमडी के अनुसार दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के साथ चंडीगढ़ में 20 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 सितंबर तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 21 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मौसम में इस बदलाव के पीछे कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा पंजाब और राजस्थान के आसपास पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में भी कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
पहाड़ों में भी बिगड़ेगा मौसम
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली का खतरा भी बताया गया है। जम्मू-कश्मीर के रामबन में गुरुवार सुबह आंधी के साथ भारी बारिश दर्ज की गई।
कई राज्यों में अलर्ट
उत्तर भारत के अलावा मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। बिहार में 18 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान भी जताया गया है।
खास बात यह है कि देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की परिस्थितियां बन रही हैं। IMD ने पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से करीब 19 सितंबर के आसपास मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना जताई है। हालांकि, वापसी से पहले उत्तर भारत में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रह सकता है।
ऐसे में दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के लोगों को तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। विशेषकर बारिश के समय वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी होगी।


