संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणियों पर शुक्रवार को भारी हंगामा देखने को मिला। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के बयानों को “सदन की गरिमा के खिलाफ” और “देश को बांटने वाला” बताते हुए उनसे माफी की मांग की। इस बहस के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र आने से माहौल और भी गरमा गया।
“अंधेरे में देखना सीखो”: दादी का सबक
राहुल गांधी ने अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए एक कहानी सुनाई। उन्होंने कहा, “दादी ने मुझसे कहा था कि राहुल, अंधेरे में देखना सीखो। असली ताकत अंधेरे में होती है क्योंकि वह छिपकर काम करती है और खुद को दिखाती नहीं है।” राहुल ने इसे एक ‘पॉलिटिकल लेसन’ बताते हुए कहा कि देश की असली सत्ता भी आज इसी तरह अदृश्य रहकर काम कर रही है।
‘जादूगर’ और ‘बिजनेसमैन’ की पार्टनरशिप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में एक “जादूगर” और “बिजनेसमैन” के बीच गहरी पार्टनरशिप चल रही है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा प्रधानमंत्री और उनके करीबी उद्योगपतियों की ओर था।उन्होंने कहा कि यह पार्टनरशिप बहुत मजबूत है लेकिन दिखाई नहीं देती। जब से यह ‘जादूगर’ सत्ता में आया है, तब से यह खेल चल रहा है। राहुल ने दावा किया कि बीजेपी अच्छी तरह जानती है कि महिला आरक्षण बिल अभी पास नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने केवल ‘चुनावी नक्शा’ (Delimitation) बदलने के लिए इस बिल का सहारा लिया है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘नोटबंदी’ पर तंज
राहुल गांधी ने सरकार के बड़े फैसलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब ‘जादूगर’ पकड़ा गया है। उन्होंने नोटबंदी और हालिया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी ‘जादू’ के खेल थे जो अब बेनकाब हो चुके हैं। राहुल के अनुसार, सरकार महिला आरक्षण के जरिए अपनी उन विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है जो देश के सामने आ चुकी हैं।
सदन में हंगामा और प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के इन बयानों पर एनडीए (NDA) सांसदों ने कड़ा विरोध जताया और नारेबाजी शुरू कर दी।
राजनाथ सिंह का तीखा हमला
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि राहुल गांधी ने संसद में प्रधानमंत्री और लोकतांत्रिक संस्थाओं का मजाक उड़ाकर न केवल सदन का अपमान किया है, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई है।
- राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “विपक्ष के नेता को अपने गैर-जिम्मेदाराना बयानों के लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। लोकतंत्र मजाक से नहीं, मर्यादा से चलता है।”
- उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी धरती पर और अब संसद के भीतर भी भारतीय लोकतंत्र की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।


