कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के रायबरेली की एक अदालत में परिवाद (Complaint) दर्ज कराया गया है। यह मामला उनके द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को कथित तौर पर ‘गद्दार’ कहे जाने से जुड़ा है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 जून 2026 की तारीख तय की है।
क्या है पूरा मामला?
यह शिकायत रायबरेली के सिविल लाइंस निवासी और वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह द्वारा दर्ज कराई गई है। परिवाद के अनुसार, राहुल गांधी ने चुनावी जनसभाओं और बयानों के दौरान देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने दोनों नेताओं को सरेआम ‘गद्दार’ कहकर संबोधित किया, जिससे आम जनता की भावनाओं को ठेस पहुंची है। अधिवक्ता का तर्क है कि इस तरह के बयानों से देश की संप्रभुता, गरिमा और शीर्ष पदों के सम्मान को ठेस पहुंचती है, जो कि कानूनी तौर पर दंडनीय है।
अदालत की कार्रवाई
रायबरेली की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत ने इस परिवाद को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट अब इस मामले में शिकायतकर्ता के बयान दर्ज करेगी और प्रारंभिक साक्ष्यों की समीक्षा करेगी। 22 जून को होने वाली अगली सुनवाई में यह तय किया जा सकता है कि राहुल गांधी को इस मामले में समन (Notice) जारी किया जाए या नहीं।
राजनीतिक मायने
रायबरेली राहुल गांधी का खुद का संसदीय क्षेत्र है, ऐसे में उनके अपने ही क्षेत्र की अदालत में ऐसा परिवाद दर्ज होना राजनीतिक रूप से काफी चर्चा का विषय बन गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों और स्थानीय नेताओं ने इस कदम का स्वागत किया है, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह राजनीति से प्रेरित कदम है और उनके नेता को जानबूझकर कानूनी मामलों में उलझाने की कोशिश की जा रही है।


