नई दिल्ली। संसद परिसर में अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्ष द्वारा किए गए प्रदर्शन पर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। प्रदर्शन के दौरान बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु-संत के भेष में भगवा वस्त्र पहनकर संसद परिसर (मकर द्वार) पर बैठ गए, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई अन्य विपक्षी नेताओं ने प्रतीकात्मक रूप से उनकी दान पेटी में चढ़ावा डाला।
इस प्रदर्शन के बाद संत समाज और सत्तारूढ़ दल ने इसे सनातन परंपरा, भगवा और साधु-संतों का अपमान बताते हुए तीखी आपत्ति जताई है।
संत समाज ने क्यों जताई नाराजगी?
अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल को सरकार या सत्तारूढ़ दल की नीतियों का विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके लिए साधु-संतों के पवित्र वेश और भगवा वस्त्रों का इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित है।
संत समाज की आपत्तियों के प्रमुख बिंदु:
- सनातन परंपरा का अपमान: साधु के भेष में दान पेटी रखकर प्रदर्शन करने से समाज में यह गलत संदेश जाता है कि पूरे संत समाज को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है।
- भगवा ध्वज और वस्त्रों का अनादर: भगवा त्याग, तपस्या और पवित्रता का प्रतीक है। इसे राजनीतिक ड्रामे और विरोध प्रदर्शन की वस्तु बनाना संत परंपरा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।
- भ्रम फैलाने की कोशिश: राम मंदिर चढ़ावे के नाम पर साधु का रूप धरकर चंदा बटोरने का दृश्य बनाकर संत समाज की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है।
लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) से क्या मांग की गई?
अखिल भारतीय संत समिति ने इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से हस्तक्षेप की मांग की है:
- बिना शर्त सार्वजनिक माफी: संत समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि विरोध प्रदर्शन करने वाले और इसमें शामिल विपक्षी सांसद सार्वजनिक रूप से संत समाज से बिना शर्त माफी नहीं मांगते हैं, तो संसद की मर्यादा बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
- संसदीय कार्रवाई की मांग: संत समाज ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि वे इस पूरे घटनाक्रम का तुरंत संज्ञान लें और संसद भवन परिसर में धार्मिक प्रतीकों एवं साधु-संतों के भेष का राजनीतिक दुरुपयोग करने वाले सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करें।
संसद परिसर में क्या हुआ था?
संसद के मानसून सत्र के दौरान मकर द्वार की सीढ़ियों पर विपक्षी सांसदों ने ‘अमित शाह सदन में आओ’ और ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारों के बीच दान पेटियां रखीं। सांसद पप्पू यादव साधु का भेष धारण कर इन पेटियों के पास बैठे थे। इस दौरान राहुल गांधी, सपा सांसद अवधेश प्रसाद, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई नेता मौजूद रहे और प्रतीकात्मक रूप से दान पेटी में पैसे डाले।


