इण्डियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के लीग चरण का अंत होते-होते पंजाब किंग्स (PBKS) का प्लेऑफ में पहुंचने का सपना एक बार फिर चकनाचूर हो गया है। रविवार को मुंबई इंडियंस के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स (RR) की 30 रनों की धमाकेदार जीत के साथ ही पंजाब किंग्स टूर्नामेंट से बाहर हो गई। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब की टीम 14 मैचों में 7 जीत, 6 हार और 1 बेनतीजा मैच के साथ 15 अंकों पर सिमट गई।
टूर्नामेंट के शुरुआती एक महीने तक अंक तालिका में शीर्ष (Top) पर रहने वाली पंजाब किंग्स आखिर कहां चूकी और आईपीएल के 19 सीजनों में सिर्फ 3 बार प्लेऑफ का टिकट कटाने वाली इस टीम के फ्लॉप शो की क्या वजहें रहीं, आइए विश्लेषण करते हैं।
शुरुआती दबदबा, फिर ‘जनरेशनल चोक’
पंजाब किंग्स ने इस सीजन की शुरुआत किसी सपने जैसी की थी। टीम ने अपने पहले 7 मुकाबलों में से 6 मैचों में जीत दर्ज की थी और एक मैच बेनतीजा रहा था। उस वक्त ऐसा लग रहा था कि पंजाब न सिर्फ प्लेऑफ में जाएगी बल्कि खिताब की सबसे बड़ी दावेदार होगी। लेकिन टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में टीम का ऐसा पतन हुआ जिसे फैंस सोशल मीडिया पर ‘जनरेशनल चोक’ (Generational Choke) कह रहे हैं।
लगातार 6 करारी हार ने तोड़ी कमर
शुरुआती मजबूत स्थिति के बाद पंजाब किंग्स की गाड़ी पूरी तरह पटरी से उतर गई। टीम को टूर्नामेंट के बिजनेस एंड (Business End) पर लगातार 6 मैचों में करारी हार का सामना करना पड़ा। इस शर्मनाक हार के सिलसिले ने टीम के आत्मविश्वास को पूरी तरह हिला दिया। हालांकि, आखिरी लीग मैच में कप्तान श्रेयस अय्यर के नाबाद शतक की बदौलत पंजाब ने लखनऊ (LSG) को हराकर खुद को रेस में बनाए रखा था, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और टीम ‘दूसरों के नतीजों’ पर निर्भर हो गई थी।
मध्यक्रम की नाकामी और गेंदबाजी में निरंतरता का अभाव
टीम की इस विफलता के पीछे मध्यक्रम के बल्लेबाजों का लगातार फ्लॉप होना एक बड़ी वजह रहा। प्रभसिमरन सिंह और श्रेयस अय्यर को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज लगातार रन नहीं बना सका। शशांक सिंह जैसे पिछले सीजन के हीरो इस बार उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। गेंदबाजी में भी युजवेंद्र चहल और मार्को जानसन ने कुछ मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन अहम मौकों पर डेथ ओवर्स में गेंदबाजों ने खूब रन लुटाए, जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा।
19 सीजनों में केवल 3 बार प्लेऑफ: एक निराशाजनक रिकॉर्ड
पंजाब किंग्स (पूर्व में किंग्स इलेवन पंजाब) आईपीएल इतिहास की सबसे लगातार खराब प्रदर्शन करने वाली टीमों में से एक रही है। आईपीएल के 19 सालों के इतिहास में यह टीम केवल 3 बार (2008, 2014 और 2025) ही प्लेऑफ/सेमीफाइनल का सफर तय कर सकी है। पिछले सीजन (2025) में उपविजेता (Runners-up) रहने वाली इस टीम से प्रशंसकों को इस साल बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन दूसरे हाफ के खराब खेल ने एक बार फिर इतिहास को दोहरा दिया।


