पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) एक बार फिर नेतृत्व के मुद्दे पर बड़े संकट का सामना कर रहा है। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टार बल्लेबाज बाबर आज़म को टेस्ट टीम की कप्तानी की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स यह भी दावा कर रही हैं कि उन्होंने कप्तानी स्वीकार करने के लिए पीसीबी के सामने एक कड़ी शर्त रखी है, जिससे बोर्ड में नया ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’ और ‘बवाल’ शुरू हो गया है।
बाबर आज़म की ‘शर्त’ और पीसीबी का सिरदर्द
रिपोर्ट्स के अनुसार, बाबर आज़म ने टेस्ट कप्तानी की पेशकश पर पीसीबी से स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल टेस्ट ही नहीं, बल्कि सभी प्रारूपों (Test, ODI, T20I) में टीम की कप्तानी करना चाहते हैं। उनका मानना है कि अलग-अलग प्रारूपों में अलग-अलग कप्तानों से टीम की एकता और प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।
- सटीक शर्त: बाबर चाहते हैं कि उन्हें ‘ऑल-फॉर्मेट कैप्टन’ (All-Format Captain) घोषित किया जाए। वह केवल एक प्रारूप के लिए कप्तानी की ज़िम्मेदारी नहीं लेना चाहते।
- पीसीबी की दुविधा: पीसीबी इस शर्त को लेकर बड़ी मुसीबत में फंस गया है। बोर्ड पहले ही विभिन्न प्रारूपों के लिए अलग-अलग कप्तानों (Split Captaincy) के विकल्प पर विचार कर रहा था, जिसमें शान मसूद और शाहीन शाह अफरीदी का नाम आगे है। बाबर की इस शर्त ने बोर्ड के सभी विकल्पों को मुश्किल बना दिया है।
क्या बाबर ने टेस्ट कप्तानी ठुकरा दी है?
कई सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि बाबर आज़म ने टेस्ट कप्तानी की पेशकश को आधिकारिक तौर पर ठुकरा दिया है। इसके पीछे का कारण उपर्युक्त शर्त ही बताया जा रहा है। अगर पीसीबी उनकी मांग को नहीं मानता है, तो वह कप्तानी की रेस से बाहर हो सकते हैं।
”पीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘बाबर की शर्त ने हमारे लिए स्थिति काफी जटिल कर दी है। हम चाहते थे कि वह टेस्ट टीम का नेतृत्व करें, लेकिन उनकी ‘ऑल-फॉर्मेट कैप्टन’ की मांग को स्वीकार करना इतना आसान नहीं है, खासकर तब जब हम Split Captaincy को बढ़ावा देना चाहते हैं।’ “
टी20 विश्व कप 2024 की विफलता और कप्तानी का मुद्दा
पाकिस्तान क्रिकेट टीम का हालिया टी20 विश्व कप 2024 में प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। टीम सुपर-8 में भी जगह नहीं बना पाई थी, जिससे बाबर आज़म की कप्तानी पर सवालिया निशान खड़े हो गए थे। विश्व कप के बाद से ही कप्तानी में बदलाव की मांग तेज़ हो गई थी।
अब, पाकिस्तान क्रिकेट में कप्तानी का मुद्दा एक ‘सुलझता हुआ पहेली’ नहीं, बल्कि एक ‘पेचीदा मामला’ बन गया है। पीसीबी के सामने बाबर की शर्त मानने या न मानने की बड़ी चुनौती है। पाकिस्तान क्रिकेट में आने वाले दिनों में और भी बड़े बदलाव और बवाल की उम्मीद की जा सकती है।


