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    पाकिस्तानी वायुसेना की अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक, 80 से ज्यादा की मौत, युद्ध जैसी स्थिति

    पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। 22 फरवरी 2026 की रात पाकिस्तानी वायुसेना (PAF) द्वारा अफगानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में की गई भीषण एयरस्ट्राइक ने दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में मरने वालों का आंकड़ा 80 के पार पहुंच गया है, जिनमें बड़ी संख्या में आतंकी और आम नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं।

    हमले का कारण: प्रतिशोध की कार्रवाई

    पाकिस्तान सरकार और सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह एयरस्ट्राइक हाल ही में पाकिस्तान के इस्लामाबाद, बाजौर और बनूं में हुए आत्मघाती हमलों का जवाब है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने अफगानिस्तान के नांगरहार और पक्तिका प्रांतों में 7 आतंकवादी शिविरों और ठिकानों को निशाना बनाया है। हमले का मुख्य उद्देश्य ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) और ‘इस्लामिक स्टेट – खुरासान’ (ISKP) के लड़ाकों को खत्म करना था। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि उनके पास ठोस सबूत हैं कि पाकिस्तान में हुए हमलों की साजिश अफगानिस्तान की धरती पर रची गई थी।


    अफगानिस्तान का पलटवार और मानवीय क्षति

    अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान ने आवासीय इलाकों, एक मदरसे और स्कूलों को निशाना बनाया है। नांगरहार के बेहसूद जिले में एक ही परिवार के 16 सदस्यों की मौत की खबर है।

    तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं का बदला निर्दोष अफगान नागरिकों से ले रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस “क्रूर कार्रवाई” का उचित समय पर जवाब दिया जाएगा। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए बुलडोजर और स्थानीय लोगों की मदद ली जा रही है। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।


      क्षेत्रीय शांति पर खतरा

      अक्टूबर 2025 में कतर की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा सैन्य टकराव है। इस एयरस्ट्राइक ने न केवल अफगानिस्तान और पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों को निचले स्तर पर धकेल दिया है, बल्कि दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए भी गंभीर चुनौती पैदा कर दी है।

      “पाकिस्तान ने आत्मरक्षा के अपने अधिकार का प्रयोग किया है, लेकिन नागरिकों की मौत ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार के मोर्चे पर ला खड़ा किया है।” वर्तमान में सीमा पर भारी सैन्य तैनाती की गई है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं।

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