उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ (AIMIM) के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद आसिम वकार ने बुधवार को कांग्रेस का हाथ थाम लिया।
कांग्रेस में औपचारिक एंट्री
सैयद आसिम वकार ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर:
- राजेंद्र पाल गौतम: कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी मौजूद रहे।
- इमरान प्रतापगढ़ी: कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष की उपस्थिति में उन्हें पार्टी में शामिल कराया गया।
ओवैसी और AIMIM के लिए बड़ा झटका
आसिम वकार लंबे समय से AIMIM के साथ जुड़े हुए थे और उत्तर प्रदेश में पार्टी का सबसे प्रमुख चेहरा माने जाते थे। राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर वे विभिन्न टीवी डिबेट्स और सार्वजनिक मंचों पर ओवैसी और पार्टी का पक्ष बेहद प्रखरता से रखते आए हैं। उत्तर प्रदेश में AIMIM के जनाधार को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है। ऐसे समय में जब राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं, उनका पार्टी छोड़ना असदुद्दीन ओवैसी के लिए एक बड़ा रणनीतिक और राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
आसिम वकार का राजनीतिक सफर
आसिम वकार का यह पहला दल-बदल नहीं है। AIMIM से जुड़ने से पहले वे लंबे समय तक समाजवादी पार्टी (SP) में भी सक्रिय रह चुके हैं। सपा छोड़कर उन्होंने ओवैसी की पार्टी का रुख किया था और यूपी में मुस्लिम मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने का काम किया था। अब कांग्रेस में शामिल होकर उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी का नया अध्याय शुरू किया है।
चुनावी समीकरणों पर असर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम वोट बैंक को लेकर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM के बीच हमेशा से होड़ रही है। आसिम वकार के कांग्रेस में आने से पार्टी को प्रदेश के अल्पसंख्यक मतदाताओं के बीच अपनी पैठ फिर से मजबूत करने में मदद मिल सकती है, जबकि AIMIM को अपने मुख्य प्रवक्ता और जमीनी नेता की भरपाई के लिए नई रणनीति अपनानी होगी।


