मध्य प्रदेश के हाईप्रोफाइल विधानसभा क्षेत्र छिंदवाड़ा की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। क्षेत्र के दूरस्थ ग्रामीण इलाके जैतपुर में पूर्व मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक कमलनाथ के ‘लापता विधायक’ वाले पोस्टर लगाए गए हैं, जिसने जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इन पोस्टरों को लेकर कमलनाथ पर तीखा हमला बोला है, वहीं कांग्रेस ने इसे एक घटिया राजनीतिक स्टंट करार दिया है।
भाजपा का आरोप: पेयजल और बुनियादी समस्याओं से बेहाल जनता
भाजपा नेताओं और स्थानीय पदाधिकारियों के अनुसार, यह पोस्टर ग्रामीण जनता की नाराजगी और उनकी वास्तविक भावनाओं का प्रकटीकरण है। भाजपा ने क्षेत्र की निम्नलिखित प्रमुख समस्याओं को गिनाते हुए विधायक की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं:
- पेजल का गंभीर संकट: क्षेत्र में समय पर बारिश न होने के कारण जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की भारी किल्लत हो गई है। भाजपा का आरोप है कि इस संकट के समय स्थानीय विधायक जनता के बीच से पूरी तरह गायब हैं।
- बुनियादी सुविधाओं का अभाव: जैतपुर और उसके आसपास के दूरस्थ गांवों में सड़क, बिजली की अघोषित कटौती और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ रहा है।
- सदन और क्षेत्र से दूरी: भाजपा का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद से ही कमलनाथ का अपने निर्वाचन क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में दौरा बेहद सीमित रहा है, जिसके कारण जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
कांग्रेस का पलटवार: ‘गंदी राजनीति और छवि धूमिल करने की कोशिश’
पोस्टर विवाद सामने आने के बाद कांग्रेस पूरी तरह से कमलनाथ के बचाव में उतर आई है। स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है:
- लगातार संपर्क में हैं कमलनाथ: कांग्रेस समर्थकों का दावा है कि कमलनाथ नियमित रूप से छिंदवाड़ा की जनता और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहते हैं। उनके प्रतिनिधि लगातार जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं को सुन रहे हैं।
- राजनीतिक लाभ की मंशा: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल राजनीतिक लाभ लेने और कमलनाथ की विकासपरक छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।
- छिंदवाड़ा का विकास मॉडल: पार्टी का कहना है कि छिंदवाड़ा का जो भी विकास हुआ है, वह कमलनाथ के प्रयासों की ही देन है और जनता इस बात को अच्छी तरह जानती है।
क्या है पोस्टर वार का सियासी मायना?
छिंदवाड़ा जिले को दशकों से कमलनाथ और उनके परिवार का गढ़ माना जाता रहा है। हालांकि, पिछले कुछ समय में भाजपा ने इस किले में सेंध लगाने के लिए अपनी रणनीति आक्रामक कर दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी सांगठनिक और स्थानीय चुनावों को देखते हुए ग्रामीण अंचलों में पोस्टरों के जरिए एक-दूसरे को घेरने का यह खेल विरोधियों को बैकफुट पर लाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। फिलहाल, जैतपुर में लगे इन पोस्टरों ने छिंदवाड़ा की जमीनी राजनीति में स्थानीय मुद्दों और जन-प्रतिनिधियों की जवाबदेही पर एक नई बहस छेड़ दी है।


