देश के उत्तरी, पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून के रौद्र रूप ने भारी तबाही मचाई है। मूसलाधार बारिश, अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भीषण भूस्खलन के कारण अलग-अलग राज्यों में अब तक कम से कम 43 लोगों की जान जा चुकी है। असम से लेकर जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और नगालैंड तक हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले एक हफ्ते तक मानसून की यह आक्रामक स्थिति बरकरार रहने वाली है।
पहाड़ों में बादल फटने और भूस्खलन से हाहाकार
उत्तर और पूर्वी भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में कुदरत का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिला है, जहाँ हादसों के कारण कई लोगों की मौत दर्ज की गई है।
- जम्मू-कश्मीर में भारी तबाही: राज्य के पुंछ और राजौरी जिलों में रविवार को बादल फटने के कारण भीषण बाढ़ आ गई, जिससे 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई लोग अब भी लापता हैं। राजौरी की सुखतो नदी में आए उफान के कारण न्यू बस अड्डे के पास खड़ी दर्जनों गाड़ियाँ ताश के पत्तों की तरह बह गईं।
- धार्मिक यात्राएं स्थगित: खराब मौसम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अमरनाथ यात्रा के साथ-साथ माता वैष्णो देवी और शिवखोड़ी की यात्राएं भी अगले आदेश तक अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।
- उत्तराखंड में हाई अलर्ट: हरिद्वार में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई है। प्रशासन ने देहरादून और ऋषिकेश सहित 10 जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राज्य में भूस्खलन के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) सहित 84 से ज्यादा सड़कें पूरी तरह ठप हैं।
पूर्वोत्तर में बाढ़ और इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मानसूनी बारिश आफत बनकर बरस रही है।
- नगालैंड में मलबे में दबे लोग: नगालैंड के मोन जिले में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। यहाँ कई घर ढह गए और मलबे के नीचे दबने से 8 लोगों की मौत हो गई है। पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन के कारण मुख्य रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे यातायात और राहत कार्य में बाधा आ रही है।
- असम में बाढ़ से विकराल स्थिति: असम में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति हर घंटे बिगड़ती जा रही है। लाखों लोग इस आपदा से प्रभावित हैं और निचले इलाकों में जलभराव के कारण बड़े पैमाने पर विस्थापन हो रहा है।
दिल्ली-एनसीआर का हाल
मैदानी इलाकों की बात करें तो देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों (NCR) में लोग भीषण उमस से परेशान हैं। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि आज दिल्ली-एनसीआर में मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और स्थानीय लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
आपदा प्रबंधन टीमें (NDRF और SDRF) प्रभावित राज्यों में मुस्तैदी से राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने नदी किनारे और संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।


