देश भर में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। गुजरात से लेकर असम और जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक मूसलाधार बारिश, बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा और नुकसान से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) के तहत प्रभावित राज्यों को आर्थिक सहायता प्रदान की है।
केंद्र सरकार की ओर से जारी आर्थिक सहायता
केंद्र सरकार ने बाढ़ और आपदा प्रभावित 7 मुख्य राज्यों के लिए कुल ₹2,117 करोड़ की राशि जारी की है।
- लाभार्थी राज्य: हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, गुजरात और महाराष्ट्र।
- उद्देश्य: इस फंड का उपयोग तत्काल राहत कार्यों, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली और प्रभावित नागरिकों तक सहायता सामग्री पहुंचाने के लिए किया जाएगा।
देश भर में कुदरत का कहर: राज्यवार स्थिति
1. जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश
- किश्वाड़ (J&K): छात्रू इलाके में बादल फटने से भारी मलबे और पत्थरों की चपेट में कई घर, दुकानें और वाहन आ गए। किश्तवाड़-अनंतनाग हाईवे बाधित हुआ और अमरनाथ यात्रा रोकनी पड़ी।
- विशेष ट्रेनें: जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से फंसे लगभग 2,200 यात्रियों को निकालने के लिए तीन विशेष ट्रेनें चलाई गईं।
- हिमाचल: कुमारसैन और धर्मशाला में भूस्खलन के कारण मकान क्षतिग्रस्त हुए और लोग घायल हुए हैं।
2. केरल और दक्षिण भारत
- केरल: भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं में 6 लोगों की मौत हो गई और कई लापता हैं। 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
- राहत कार्य: राज्य में 65 राहत शिविर खोले गए हैं, जिनमें करीब 1,465 विस्थापितों ने शरण ली है। स्थिति को देखते हुए 2 अगस्त की राज्य पात्रता परीक्षा स्थगित करनी पड़ी।
3. असम, मणिपुर और पूर्वोत्तर
- असम: राज्य में मानसूनी बाढ़ से स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। बाढ़ की चपेट में आने से मौतों का आंकड़ा 82 तक पहुंच चुका है और लगभग 1.93 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हैं।
- मणिपुर: चुराचांदपुर में लानवा नदी के उफान पर आने से नुकसान की खबर है।
4. गुजरात और ओडिशा
- गुजरात: मध्य और दक्षिण गुजरात में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए 27,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है।
- ओडिशा: महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए हीराकुंड बांध के 22 गेट खोल दिए गए हैं। राज्य के 10 जिलों में अलर्ट घोषित है और बाढ़ से करीब 8 लाख लोग प्रभावित हैं।


