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    गुरु जसपाल राणा के निधन से मनु भाकर भावुक, तस्वीर साझा कर ये दो शब्द लिखे

    भारतीय निशानेबाज मनु भाकर (Manu Bhaker) ने एक बार फिर अपने गुरु और कोच जसपाल राणा (Jaspal Rana) के प्रति अपना सम्मान और गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है। दिग्गज कोच जसपाल राणा (49) का शुक्रवार को निधन हो गया। मनु भाकर अपने पुराने दिनों और कोचिंग के सफर को याद करते हुए काफी भावुक हो गईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने दिल की भावनाओं को साझा करते हुए केवल दो शब्दों में अपने गुरु के प्रति पूरा आदर बयां कर दिया।

    मनु भाकर ने जसपाल राणा के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए कैप्शन में लिखा—‘अपूरणीय क्षति।’। इन दो शब्दों के जरिए मनु ने यह साफ कर दिया कि उनकी खेल यात्रा, असफलताओं से उबरने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐतिहासिक सफलता हासिल करने के पीछे जसपाल राणा एक मजबूत स्तंभ की तरह खड़े रहे हैं।

    उतार-चढ़ाव भरा रहा है सफर

    मनु भाकर और जसपाल राणा का गुरु-शिष्य का यह रिश्ता हमेशा आसान नहीं रहा। एक समय ऐसा भी आया था जब दोनों के बीच मतभेद की खबरें आईं और वे अलग हो गए थे। टोक्यो ओलंपिक की निराशा के बाद मनु भाकर का करियर एक कठिन दौर से गुजर रहा था और उन्होंने खेल छोड़ने तक का मन बना लिया था।

    जसपाल राणा की वापसी और ऐतिहासिक कामयाबी

    कठिन समय में मनु ने दोबारा अपने पुराने गुरु जसपाल राणा पर भरोसा जताया और उनसे ट्रेनिंग शुरू की। जसपाल राणा ने न केवल मनु की तकनीक को सुधारा, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी बेहद मजबूत बनाया। इस पुनर्मिलन का नतीजा यह हुआ कि मनु भाकर ने ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर पदक जीतकर इतिहास रच दिया और वह भारत की सबसे सफल निशानेबाजों में से एक बन गईं। मनु ने 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत के लिए दो मेडल जीते थे।

    टोक्यो की असफलता से लेकर पोडियम फिनिश तक के इस सफर में जसपाल राणा ने पर्दे के पीछे रहकर जो भूमिका निभाई, उसी को याद कर मनु भावुक हुईं। उनका यह ‘दो शब्दों’ का संदेश दिखाता है कि एक खिलाड़ी के जीवन में सही मार्गदर्शक और कोच की क्या अहमियत होती है।

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