पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कोलकाता का भवानीपुर इलाका राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया है। राज्य के शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्वयं मौजूद रहे।
शुभेंदु का नामांकन और अमित शाह का रोड शो
- शक्ति प्रदर्शन: अमित शाह की मौजूदगी में शुभेंदु अधिकारी ने एक भव्य रोड शो निकाला। शाह ने इस दौरान शुभेंदु को “बंगाल के परिवर्तन का चेहरा” बताया।
- ममता पर प्रहार: गृह मंत्री ने ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भवानीपुर की जनता इस बार ‘भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण’ को विदा करने का मन बना चुकी है। उन्होंने ‘दीदी’ को चुनौती देते हुए कहा कि अब बंगाल में ‘सिंडिकेट राज’ के दिन गिनती के रह गए हैं।
भवानीपुर में हिंसक झड़प
नामांकन और रोड शो के दौरान भवानीपुर की सड़कों पर तनाव चरम पर पहुंच गया:
- कार्यकर्ताओं में भिड़ंत: बीजेपी और टीएमसी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी हुई, जो देखते ही देखते पत्थरबाजी और मारपीट में बदल गई।
- पुलिस की भूमिका: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा। पुलिस ने दोनों गुटों को अलग करने के लिए लाठीचार्ज का भी सहारा लिया।
- आरोप-प्रत्यारोप: टीएमसी ने बीजेपी पर ‘बाहरी लोगों’ को लाकर अशांति फैलाने का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी ने इसे टीएमसी की ‘हार की बौखलाहट’ करार दिया।
चुनाव का सबसे बड़ा मुकाबला
2026 के इस चुनाव में भवानीपुर सीट सबसे हॉट सीट बन गई है क्योंकि:
- प्रतिष्ठा की लड़ाई: ममता बनर्जी के खिलाफ उनके ही पूर्व सहयोगी शुभेंदु अधिकारी चुनाव मैदान में हैं।
- रणनीतिक महत्व: बीजेपी इस सीट को जीतकर यह संदेश देना चाहती है कि वह मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में भी सेंध लगा सकती है।
- चुनाव आयोग ने इस घटना के बाद भवानीपुर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा और कड़ी कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी आने वाले दिनों में यहां प्रचार करने की संभावना है।


