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BJP ने गजनी की तरह राम मंदिर को लूटा, संजय राउत का अमित शाह पर तीखा हमला

महाराष्ट्र में चल रहे ‘ऑपरेशन टाइगर’ और शिवसेना (UBT) के सांसदों के दलबदल विवाद के बीच जुबानी जंग बेहद तल्ख हो गई है। शिवसेना (UBT) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। राउत ने बीजेपी की तुलना विदेशी आक्रमणकारी महमूद गजनी से कर दी है।

संजय राउत का ‘गजनी’ वाला बयान

संजय राउत ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने केवल राजनीतिक फायदे के लिए प्रभु श्री राम के नाम का इस्तेमाल किया है। “अमित शाह को बताना चाहिए कि राम मंदिर के नाम पर इकट्ठा किया गया हजारों करोड़ रुपये का चंदा कहां गया? भाजपा ने भगवान राम के मंदिर को उसी तरह लूटा है, जैसे कभी महमूद गजनी ने सोमनाथ मंदिर को लूटा था। राम मंदिर के ट्रस्ट और चंदे में भारी घोटाला हुआ है।”

राउत ने आगे कहा कि शिवसेना को खत्म करने का सपना देखने वाले खुद इतिहास बन जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि जनता इस ‘चोर बाजार’ की राजनीति को देख रही है और आने वाले चुनावों में इसका करारा जवाब देगी।

सांसदों की खरीद-फरोख्त का आरोप

राम मंदिर विवाद के साथ-साथ संजय राउत ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत शिंदे गुट में शामिल होने वाले शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों को लेकर भी बीजेपी को घेरा।

  • 50-50 करोड़ का दावा: राउत ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने वाले प्रत्येक सांसद को 50-50 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
  • एजेंसियों का डर: उन्होंने कहा कि यह कोई वैचारिक दलबदल नहीं है, बल्कि केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED और CBI) के डर और पैसों के लालच में किया गया आत्मसमर्पण है।

बीजेपी का पलटवार

संजय राउत के इस विवादित बयान पर बीजेपी और शिंदे गुट ने कड़ी आपत्ति जताई है। बीजेपी प्रवक्ताओं का कहना है कि करोड़ो हिंदुओं की आस्था के केंद्र राम मंदिर की तुलना एक क्रूर लुटेरे से करना उद्धव गुट की हताशा को दर्शाता है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि अपने सांसदों को संभाल न पाने की बौखलाहट में संजय राउत मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और उन्हें देश के हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राम मंदिर चंदे और दलबदल को लेकर शुरू हुआ यह नया विवाद सूबे की राजनीति को और अधिक ध्रुवीकृत कर सकता है।

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