आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने NEET-UG परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भारत के युवाओं (Gen-Z) से पड़ोसी देशों के उदाहरणों का हवाला देते हुए इस मुद्दे पर सक्रिय होने की अपील की है।
पड़ोसी देशों का हवाला
केजरीवाल ने बांग्लादेश और नेपाल की हालिया राजनीतिक हलचलों का जिक्र करते हुए भारतीय युवाओं को प्रेरित करने की कोशिश की:
- बांग्लादेश और नेपाल का उदाहरण: उन्होंने कहा कि अगर बांग्लादेश और नेपाल में Gen-Z (नई पीढ़ी के युवा) अपनी एकजुटता से सरकारें गिरा सकते हैं और व्यवस्था बदल सकते हैं, तो भारत का युवा भी बहुत कुछ करने में सक्षम है।
- युवाओं से सवाल: केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या भारत के युवा इतने कमजोर हैं कि वे NEET परीक्षा के अपराधियों और भ्रष्टाचारियों को जेल नहीं भेज सकते?
NEET मामले पर तीखे प्रहार
मुख्यमंत्री ने पेपर लीक को देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया और जांच की शुचिता पर सवाल खड़े किए:
- अपराधियों को सजा की मांग: उन्होंने मांग की कि इस महाघोटाले में शामिल मुख्य आरोपियों और मास्टरमाइंड्स को तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए।
- सरकार की विफलता: केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य की रक्षा करने और परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है।
- भ्रष्टाचार का मुद्दा: उन्होंने इसे केवल एक परीक्षा का मुद्दा न मानकर सिस्टम में गहरे तक पैठे भ्रष्टाचार का परिणाम बताया।
युवाओं से सीधा संवाद
केजरीवाल ने भारतीय युवाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से दबाव बनाने का आग्रह किया ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। उनका तर्क था कि लोकतंत्र में जनता, विशेषकर युवाओं की शक्ति सबसे बड़ी होती है और उन्हें अपनी इस ताकत को पहचानना चाहिए।
“जब पड़ोसी देशों में युवा बड़े राजनीतिक बदलाव ला सकते हैं, तो भारत का युवा शिक्षा माफिया और पेपर लीक के दोषियों को सजा क्यों नहीं दिला सकता?”
अरविंद केजरीवाल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में NEET और NET परीक्षाओं को लेकर विवाद गरमाया हुआ है और विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।


