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    भारत में ‘सोलर क्रांति’ का दौर, 2 वर्षों में देशभर में इतने सिस्टम स्थापित

    भारत में ‘सोलर क्रांति’ का दौर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो न केवल ऊर्जा की जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में आर्थिक बदलाव भी ला रहा है। सरकार के आधिकारिक आंकड़ों (MyGov) के अनुसार, देश भर में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की रफ्तार में भारी उछाल आया है।

    सोलर क्रांति की मुख्य उपलब्धियां:

    • 25 लाख से अधिक सिस्टम: पिछले दो वर्षों में देश भर में 25 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए गए हैं।
    • शून्य बिजली बिल: इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि लगभग 12.5 लाख परिवारों का बिजली बिल अब शून्य (Zero) हो चुका है। इससे इन परिवारों की आर्थिक बचत में सीधा इजाफा हुआ है।
    • आत्मनिर्भरता: सौर ऊर्जा का यह मॉडल अब केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपनी जड़ें जमा रहा है।

    आम नागरिकों की सफलता की कहानियां

    MyGov ने उन लोगों के अनुभवों को साझा किया है जिन्होंने सोलर ऊर्जा के जरिए आत्मनिर्भरता हासिल की है:

    • देवकी देवी (बिहार): इन्होंने अपने घर पर सोलर सिस्टम लगवाकर न केवल अपनी बिजली की जरूरतों को पूरा किया, बल्कि अब वे बिजली के बिल की चिंता से पूरी तरह मुक्त हैं।
    • मोइरांगथेम सेठ (मणिपुर): सुदूर पूर्वोत्तर क्षेत्र में इन्होंने सौर ऊर्जा को अपनाकर न केवल बिजली की समस्या को दूर किया, बल्कि अपनी आजीविका के लिए नए रास्ते भी खोले हैं।

    रूफटॉप सोलर पैनल केवल पर्यावरण के अनुकूल विकल्प नहीं हैं, बल्कि यह ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम हैं। बिजली बिल में बचत और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आम आदमी की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक माध्यम बन गई है।

    आवेदन करने की प्रक्रिया, किसे मिलेगा लाभ

    भारत सरकार द्वारा संचालित ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत आप अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली पा सकते हैं।

    योजना की मुख्य विशेषताएं

    यह योजना उन सभी भारतीय परिवारों के लिए है जो अपने घर पर सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं। 2 किलोवाट तक सिस्टम की लागत का 60% हिस्सा सरकार सब्सिडी के तौर पर देती है। 2 से 3 किलोवाट तक अतिरिक्त क्षमता के लिए 40% सब्सिडी मिलती है। सब्सिडी 3 किलोवाट की सीमा तक ही सीमित रहती है।

    1. पोर्टल पर पंजीकरण: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर जाएं।
    2. विवरण भरें: राज्य, जिला, बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) और अपना उपभोक्ता नंबर दर्ज करें।
    3. तकनीकी मूल्यांकन: आवेदन के बाद, संबंधित डिस्कॉम द्वारा आपके घर की छत का तकनीकी मूल्यांकन किया जाएगा।
    4. इंस्टॉलेशन: मंजूरी मिलने के बाद, आप सरकार द्वारा सूचीबद्ध वेंडर से सोलर पैनल लगवा सकते हैं।
    5. नेट मीटरिंग: इंस्टॉलेशन के बाद, डिस्कॉम द्वारा ‘नेट मीटर’ लगाया जाएगा, जो यह ट्रैक करेगा कि आपने कितनी बिजली ग्रिड को वापस भेजी है।

    आवश्यक दस्तावेज

    • आधार कार्ड
    • बिजली बिल (नवीनतम)
    • बैंक खाता विवरण (सब्सिडी सीधे खाते में पाने के लिए)
    • मोबाइल नंबर

    किसी भी निजी वेंडर को पैसा देने से पहले सुनिश्चित करें कि वह सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर ‘Empanelled Vendor’ (सूचीबद्ध विक्रेता) की सूची में है या नहीं।

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