Shangri-La Dialogue 2026: सिंगापुर में आयोजित एशिया के प्रमुख सुरक्षा शिखर सम्मेलन ‘शांग्री-ला डायलॉग’ में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) ने चीन को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है. हेगसेथ ने चीन को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि दुनिया का कोई भी देश, चाहे वह चीन ही क्यों न हो, अपना वर्चस्व (Hegemony) दूसरों पर नहीं थोप सकता. इस दौरान उन्होंने भारत की बढ़ती सैन्य तत्परता की जमकर सराहना की और उसे क्षेत्र का एक बेहद महत्वपूर्ण व ताकतवर देश बताया.
चीन को अमेरिकी रक्षा मंत्री की ‘रेड लाइन’
सिंगापुर में अपने संबोधन के दौरान पीट हेगसेथ ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते सैन्य आधुनिकीकरण और उसकी विस्तारवादी गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की.
- वर्चस्व मंजूर नहीं: हेगसेथ ने कहा कि वाशिंगटन एक ऐसा टिकाऊ शक्ति संतुलन चाहता है, जिसमें चीन सहित कोई भी देश अपनी मनमर्जी न चला सके और हमारे या हमारे सहयोगियों की सुरक्षा को खतरे में न डाल सके.
- अमेरिका एक प्रशांत राष्ट्र है: चीन को अपनी हद में रहने की हिदायत देते हुए उन्होंने कहा, “भले ही हमारा अंतिम लक्ष्य शांति स्थापित करना है, लेकिन चीन को यह नहीं भूलना चाहिए कि अमेरिका एक प्रशांत राष्ट्र (Pacific Nation) है और वह क्षेत्र में अपनी दीर्घकालिक उपस्थिति का सम्मान चाहता है”.
हालांकि, सख्त लहजे के बावजूद उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच सैन्य-टू-सैन्य संचार बढ़ा है, जिससे गलतफहमियों का जोखिम कम हुआ है.


