देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय है और मौसम विभाग ने आने वाले घंटों के लिए व्यापक बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली से यूपी-बिहार तक बारिश का असर
मौसम अलर्ट में दिल्ली-एनसीआर के साथ उत्तर प्रदेश और बिहार को भी शामिल किया गया है। दिल्ली में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है, जबकि उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इससे अधिक सक्रिय मौसम देखने को मिल सकता है। दिल्ली के लिए स्थानीय पूर्वानुमान में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बताई गई है।
उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी मौसम करवट ले सकता है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश होने पर भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
इन राज्यों में भी तेज बारिश और आंधी
IMD के अलर्ट के दायरे में उत्तर भारत के अलावा मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्य भी हैं। झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी मौसम के बदलने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश की गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल में भी 9 सितंबर तक कई इलाकों में भारी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।
80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा
बारिश के साथ सबसे बड़ी चिंता तेज हवाओं को लेकर है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे मौसम में पेड़ या कमजोर ढांचे गिरने, बिजली के तार टूटने और यातायात बाधित होने का खतरा रहता है। खुले इलाकों, निर्माणाधीन स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
कई दिनों तक जारी रह सकता है मौसम का असर
मौसम विभाग के अनुसार, बारिश और आंधी की गतिविधियां केवल एक-दो घंटे तक सीमित रहने वाली नहीं हैं। देश के कई हिस्सों में 9 से 13 सितंबर तक मानसूनी गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
मौसम में अचानक बदलाव के बीच प्रशासन और आम लोगों को स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना सुरक्षित रहेगा।


