उत्तर भारत में गर्मी ने रौद्र रूप धारण करना शुरू कर दिया है। मई के उत्तरार्ध में मैदानी इलाकों में भीषण लू (Heatwave) का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले सात दिनों के भीतर दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर सकता है। इस साल मौसम का रुख बेहद असामान्य और चिंताजनक बना हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
किन राज्यों में रहेगा सबसे ज्यादा असर?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले एक हफ्ते में लू का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ने वाली हैं। इसका सबसे गंभीर असर निम्नलिखित क्षेत्रों में देखने को मिलेगा:
- दिल्ली और एनसीआर: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुष्क और गर्म पश्चिमी हवाओं के कारण दिन का तापमान तेजी से बढ़ेगा। धूल भरी गर्म हवाएं (लू) दोपहर के समय बाहर निकलना दूभर कर देंगी।
- उत्तर प्रदेश और बिहार: यूपी के पश्चिमी और मध्य हिस्सों के साथ-साथ पूरे बिहार में पारा सामान्य से 4 से 5 डिग्री ऊपर रहने की संभावना है। कई जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।
- राजस्थान और हरियाणा: राजस्थान के मरुस्थलीय इलाकों (जैसे चुरू, बीकानेर और बाड़मेर) में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक भी पहुंच सकता है। वहीं हरियाणा और पंजाब के मैदानी इलाके भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे।
मौसम का यह रुख असामान्य क्यों है?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल मॉनसून से पहले की बारिश (Pre-Monsoon Rains) न के बराबर हुई है। आमतौर पर मई के महीने में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से बीच-बीच में आंधी और हल्की बारिश होती रहती थी, जिससे तापमान नियंत्रण में रहता था।
विशेषज्ञों की राय: इस बार मजबूत पश्चिमी विक्षोभों की कमी और अल-नीनो (El Niño) के अवशिष्ट प्रभावों के कारण हवा में नमी पूरी तरह खत्म हो चुकी है। एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन (प्रति-चक्रवात) की वजह से आसमान बिल्कुल साफ है और सूरज की किरणें सीधे धरती को तपा रही हैं। यही वजह है कि तापमान में इतनी अचानक और रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी देखी जा रही है।
स्वास्थ्य और कृषि पर संकट: प्रशासन की एडवाइजरी
तापमान 45 डिग्री के पार जाने की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालयों और स्थानीय प्रशासन ने लोगों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है:
- हीट स्ट्रोक का खतरा: दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बिना जरूरी काम के खुले आसमान के नीचे निकलने से बचें। हीट स्ट्रोक (लू लगना) और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लगातार पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी या छाछ पीते रहें।
- खेती और बिजली पर दबाव: भीषण गर्मी के कारण खेतों में खड़ी फसलों को अतिरिक्त सिंचाई की जरूरत पड़ रही है। इसके साथ ही, घरों और दफ्तरों में एसी-कूलर का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली ग्रिडों पर लोड ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे कई इलाकों में बिजली कटौती की समस्या भी शुरू हो गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि जून के पहले सप्ताह से पहले इस भीषण गर्मी और लू से किसी भी तरह की बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।


