पाकिस्तान ने चीन से मिले HQ-17AE शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया है। पाकिस्तानी वायुसेना के एक आधिकारिक वीडियो में यह सिस्टम नजर आया, जिसके बाद इसे भारत की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। खास तौर पर ब्रह्मोस और अन्य कम ऊंचाई पर उड़ने वाली क्रूज मिसाइलों के खिलाफ इसकी उपयोगिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
क्या है HQ-17AE?
HQ-17AE चीन का मोबाइल शॉर्ट-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम है। इसे कम और मध्यम ऊंचाई पर आने वाले हवाई खतरों से निपटने के लिए विकसित किया गया है। इसकी खासियत यह है कि पूरा सिस्टम मोबाइल प्लेटफॉर्म पर लगाया गया है, जिससे इसे जरूरत के मुताबिक तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है।
एक यूनिट में छह पहियों वाला लॉन्च वाहन, आठ मिसाइलें और फेज्ड-एरे रडार शामिल होते हैं। चीनी दावों के अनुसार यह एक साथ कई लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है और चार लक्ष्यों पर एक साथ मिसाइल गाइड करने की क्षमता रखता है।
कितनी है इसकी मारक क्षमता?
HQ-17AE की इंटरसेप्शन रेंज करीब 1.5 से 15 किलोमीटर बताई जाती है, जबकि इसकी ऊंचाई पर लक्ष्य भेदने की क्षमता लगभग 10 मीटर से 10 किलोमीटर तक बताई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य फ्रंटलाइन सैनिकों, सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को कम ऊंचाई वाले हवाई हमलों से सुरक्षा देना है।
यानी यह लंबी दूरी की एयर डिफेंस प्रणाली नहीं है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से ड्रोन, हेलीकॉप्टर, कम ऊंचाई पर उड़ने वाली मिसाइलों और अन्य नजदीकी हवाई खतरों के खिलाफ किया जाता है।
क्या ब्रह्मोस को रोक पाएगा?
यहीं सबसे बड़ा सवाल है। सिर्फ HQ-17AE की मौजूदगी का मतलब यह नहीं है कि पाकिस्तान ने ब्रह्मोस के खिलाफ अभेद्य सुरक्षा हासिल कर ली है। ब्रह्मोस की तेज गति, कम ऊंचाई पर उड़ान और अलग-अलग हमले के प्रोफाइल किसी भी शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम के लिए चुनौती पैदा कर सकते हैं।
HQ-17AE कुछ परिस्थितियों में आने वाली क्रूज मिसाइल को इंटरसेप्ट करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन किसी खास मिसाइल को निश्चित रूप से रोक पाने की सफलता उसके उड़ान मार्ग, ऊंचाई, रडार डिटेक्शन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और एक साथ आने वाले लक्ष्यों की संख्या जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगी। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि HQ-17AE ब्रह्मोस को आसानी से रोक सकता है।
पाकिस्तान के लिए क्यों अहम?
पाकिस्तान के लिए यह सिस्टम खास तौर पर कम ऊंचाई वाले हमलों और ड्रोन खतरों के खिलाफ एयर डिफेंस की एक अतिरिक्त परत तैयार कर सकता है। चीन के साथ उसकी बढ़ती रक्षा साझेदारी के बीच HQ-17AE की तैनाती से संकेत मिलता है कि पाकिस्तान अपने सैन्य ठिकानों की नजदीकी सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दे रहा है। हालांकि, इसकी वास्तविक संख्या, तैनाती और परिचालन क्षमता की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
HQ-17AE पाकिस्तान की शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस क्षमता को जरूर मजबूत करता है, लेकिन इसे ब्रह्मोस के खिलाफ कोई अचूक ढाल मानना सही नहीं होगा। ब्रह्मोस जैसे तेज और कम ऊंचाई वाले हथियार के खिलाफ इसका वास्तविक प्रदर्शन युद्ध जैसी परिस्थितियों में ही स्पष्ट हो सकेगा।


