हरियाणा के रेवाड़ी जिले से एक दिल दहला देने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुछ समय पहले हुए केतन हत्याकांड की तर्ज पर अब मोनू नाम के युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। इस मर्डर मिस्ट्री का खुलासा जब पुलिस ने किया, तो हर कोई सन्न रह गया। मोनू की हत्या किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी। डिजिटल फुटप्रिंट्स, डिलीट की गई चैट्स और कॉल डिटेल्स ने इस पूरे अंधे कत्ल की साजिश का पर्दाफाश कर दिया है।
साजिश की शुरुआत और अवैध संबंध
पुलिस जांच के अनुसार, मोनू की पत्नी का गांव के ही एक अन्य युवक के साथ काफी समय से अवैध प्रेम प्रसंग चल रहा था। मोनू को अपनी पत्नी के इस रिश्ते पर शक होने लगा था, जिसके कारण घर में अक्सर विवाद होता रहता था। अपने रास्ते के इस सबसे बड़े कांटे को हटाने के लिए पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर मोनू को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।
49 कॉल, डिलीट चैट और 3 मिनट की आखिरी बात
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस के लिए सबसे बड़ा हथियार साइबर सेल और मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) साबित हुए।
- डिलीट की गई चैट: वारदात को अंजाम देने से पहले और बाद में आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी के बीच लगातार व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया ऐप्स पर बातचीत हो रही थी। पकड़े जाने के डर से पत्नी ने मोबाइल से सारी चैट और कॉल हिस्ट्री डिलीट कर दी थी।
- 49 कॉल्स का रिकॉर्ड: जब पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से डेटा रिकवर किया, तो सामने आया कि दोनों के बीच पिछले कुछ दिनों में कुल 49 बार फोन पर बातचीत हुई थी।
- 3 मिनट की आखिरी बात: मर्डर वाली रात, वारदात को अंजाम देने के ठीक पहले प्रेमी और पत्नी के बीच करीब 3 मिनट तक बात हुई थी। इसी 3 मिनट की आखिरी कॉल पर प्रेमी को मोनू की लोकेशन और घर में उसके सोने की सटीक जानकारी दी गई, जिसके तुरंत बाद इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
केतन मर्डर केस से मिलती-जुलती स्क्रिप्ट
रेवाड़ी पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड का तरीका (Modus Operandi) इलाके में कुछ समय पहले हुए ‘केतन मर्डर केस’ से काफी मिलता-जुलता है। उस मामले में भी अपनों ने ही अपनों को मौत के घाट उतारा था। मोनू के मामले में भी आरोपियों ने पूरी कोशिश की थी कि वे पुलिस की नजरों से बच सकें और इसे एक सामान्य मौत या किसी अज्ञात हमले का रूप दे सकें, लेकिन वे कानून की नजरों से डिजिटल सबूतों को नहीं छिपा पाए।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
मोनू का शव मिलने के बाद पुलिस ने शक के आधार पर परिवार के लोगों के फोन जब्त किए थे। डिलीट किए गए डेटा के सामने आते ही पुलिस का शक यकीन में बदल गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


