अभिनेता रणवीर सिंह और फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर चल रहा विवाद इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. हाल ही में मीडिया में खबरें आईं कि ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज’ (FWICE) ने रणवीर सिंह पर प्रतिबंध (बैन) लगा दिया है. हालांकि, अब FWICE के मुख्य सलाहकार और फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने इन खबरों का खंडन करते हुए पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट की है.
बैन नहीं, बल्कि ‘असहयोग’ का निर्देश
अशोक पंडित ने साफ शब्दों में कहा कि यह कोई ‘बैन’ नहीं है. उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा, “हम कोई अदालत नहीं हैं और हम लोगों पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते. हमने केवल एक ‘नॉन-कोऑपरेशन’ (असहयोग) निर्देश जारी किया है.” इसका सीधा अर्थ यह है कि जब तक यह मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक FWICE से जुड़े 30 अलग-अलग विभागों के सदस्य (स्पॉट बॉय से लेकर बाउंसर तक) रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे.
शूटिंग से ठीक तीन हफ्ते पहले छोड़ी फिल्म
अशोक पंडित के अनुसार, रणवीर सिंह ने मेकर्स के साथ तीन फिल्मों की डील साइन की थी. वे ‘डॉन 3’ के स्क्रिप्ट डिस्कशन, क्रिएटिव फैसलों और कॉस्ट्यूम प्लानिंग में पूरी तरह शामिल थे और उन्होंने फिल्म का प्रोमो भी शूट किया था. इसके बावजूद, शूटिंग शुरू होने से महज तीन हफ्ते पहले उन्होंने अचानक फिल्म छोड़ दी.
इस अचानक लिए गए फैसले के कारण फिल्म निर्माताओं (फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की एक्सेल एंटरटेनमेंट) को प्री-प्रोडक्शन, होटल, लोकेशन और विदेश यात्रा की बुकिंग के रूप में लगभग 45 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है. पीड़ित पक्ष अब इस नुकसान के मुआवजे की मांग कर रहा है.
रणवीर को तीन बार भेजा गया नोटिस
फेडरेशन ने बताया कि उन्होंने रणवीर सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए तीन बार बुलाया था, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला. प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा के बाद अभिनेता की टीम से एक ईमेल आया, जिसमें कहा गया कि यह मामला फेडरेशन के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है. हालांकि, बाद में उनकी टीम ने बातचीत की इच्छा जताई है.
सुपरस्टार नियमों से बड़ा नहीं: बीएन तिवारी
मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने कहा, “हम यह नहीं कह रहे हैं कि वह इंडस्ट्री में काम नहीं कर सकते, लेकिन हमारे सदस्य उनके साथ तब तक सहयोग नहीं करेंगे जब तक मामला सुलझ नहीं जाता. इंडस्ट्री को यह संदेश जाना जरूरी है कि कोई भी सुपरस्टार नियमों से बड़ा नहीं है. वह भी इसी इंडस्ट्री का हिस्सा हैं, आसमान से नहीं आए हैं.”
अशोक पंडित ने अंत में जोड़ा कि फेडरेशन की रणवीर से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन फिल्म जगत के हित और जवाबदेही तय करने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था


