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    FIFA World Cup 2026: क्वार्टर फाइनल में फ्रांस-मोरक्को की महाभिड़ंत, क्या मोरक्को ले पाएगा बदला?

    अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे फीफा वर्ल्ड कप 2026 में रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। प्री-क्वार्टर फाइनल के नाटकीय नतीजों के बाद अब क्वार्टर फाइनल की तस्वीरें साफ हो गई हैं। फुटबॉल प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि टूर्नामेंट के दूसरे क्वार्टर फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन फ्रांस का सामना मोरक्को से होगा। यह मुकाबला न केवल हाई-वोल्टेज होगा, बल्कि ऐतिहासिक संदर्भ में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मोरक्को के पास 2022 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में मिली हार का बदला लेने का सुनहरा मौका है।

    फ्रांस का सफर: पराग्वे को हराकर बनाई जगह

    फांस ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की करने के लिए प्री-क्वार्टर फाइनल के अंतिम मैच में पराग्वे को एक कड़े मुकाबले में 1-0 से मात दी। डलास के ‘AT&T स्टेडियम’ में खेले गए इस मैच में पैराग्वे ने डिफेंडिंग चैंपियंस को कड़ी टक्कर दी। मैच का एकमात्र गोल फ्रांस के लिए मार्कस थुरम ने किया। थुरम की इस स्ट्राइक ने फ्रांस को लगातार दूसरे वर्ल्ड कप के अंतिम-8 में पहुंचा दिया। हालांकि फांस ने मैच जीता, लेकिन पराग्वे की जुझारू रक्षापंक्ति ने उन्हें आसानी से गोल नहीं करने दिए, जो मोरक्को के खिलाफ उनके लिए एक चेतावनी हो सकती है।

    मोरक्को का विजय अभियान: स्पेन को मात देकर रचा इतिहास

    दूसरी ओर, ‘एटलस लायंस’ के नाम से मशहूर मोरक्को की टीम 2022 वर्ल्ड कप की अपनी जादुई फॉर्म को 2026 में भी जारी रखे हुए है। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने एक बार फिर सबको चौंकाते हुए पूर्व चैंपियन स्पेन को पेनाल्टी शूटआउट में 3-0 से हरा दिया। निर्धारित और एक्स्ट्रा टाइम तक स्कोर 0-0 रहने के बाद, मोरक्को के गोलकीपर यासीन बोनो ने पेनाल्टी शूटआउट में दीवार बनकर स्पेनिश खिलाड़ियों को रोक दिया। मोरक्को की यह जीत दिखाती है कि वे किसी भी बड़ी टीम को हराने का दम रखते हैं और उनकी रक्षापंक्ति टूर्नामेंट में सबसे मजबूत है।

    2022 का बदला और सेमीफाइनल की जंग

    फ्रांस और मोरक्को का यह मुकाबला 2022 कतर वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल की यादें ताजा कर देगा, जहां फ्रांस ने मोरक्को के ऐतिहासिक सफर को 2-0 से हराकर समाप्त किया था और फाइनल में जगह बनाई थी। उस समय मोरक्को सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी टीम बनी थी। अब, चार साल बाद, मोरक्को के पास उसी फ्रांस को हराकर न केवल उस हार का बदला लेने का, बल्कि लगातार दूसरे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचकर एक और इतिहास रचने का मौका है। मोरक्को के कोच वालिद रेग्रागुई के लिए यह उनकी रणनीतिक परीक्षा होगी, जबकि फ्रांस के कोच दिदिएर डेसचैम्प्स को अपने स्टार खिलाड़ियों की आक्रामकता पर भरोसा होगा। सभी की निगाहें लॉस एंजिल्स के ‘सूफी स्टेडियम’ पर टिकी होंगी, जहां यह ब्लॉकबस्टर मुकाबला खेला जाएगा।

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