More
    HomeHindi Newsअमरावती जिला अस्पताल के NICU में विस्फोट, 3 नवजातों की जलने से...

    अमरावती जिला अस्पताल के NICU में विस्फोट, 3 नवजातों की जलने से दर्दनाक मौत

    महाराष्ट्र के अमरावती स्थित जिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में एक भयानक हादसा हुआ है। वेंटिलेटर में शॉर्ट सर्किट के कारण हुए विस्फोट और उसके बाद लगी भीषण आग की चपेट में आने से 3 नवजात शिशुओं की जलकर दर्दनाक मौत हो गई। इस भयावह घटना ने न केवल पीड़ित परिवारों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा इंतजामों और अग्निशमन मानकों की पोल खोल दी है।

    प्रत्यक्षदर्शियों का आंखों देखा हाल

    यह हादसा तड़के उस समय हुआ जब NICU वार्ड में गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं का इलाज चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, वार्ड में रखे एक वेंटिलेटर में अचानक तेज धमाका हुआ और उसमें आग लग गई। ऑक्सीजन सप्लाई की मौजूदगी के कारण आग ने पल भर में विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरा वार्ड धुएं और लपटों से भर गया। वेंटिलेटर में शॉर्ट सर्किट से हुआ धमाका आग लगने का प्राथमिक कारण माना जा रहा है। NICU में मौजूद ऑक्सीजन लाइनों ने आग को तेजी से फैलने में ईंधन का काम किया। धुएं के कारण पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन 3 शिशुओं को बचाया नहीं जा सका।

    प्रशासन का रुख और राहत कार्य

    घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। अन्य नवजात शिशुओं को तुरंत सुरक्षित स्थान पर और निजी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    महाराष्ट्र सरकार और जिला प्रशासन ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

    1. उच्च स्तरीय जांच आयोग: आग लगने की सटीक वजह, उपकरणों के रखरखाव और फायर सेफ्टी ऑडिट की जांच के लिए समिति गठित की गई है।
    2. मुआवजे की घोषणा: प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
    3. अस्पतालों का सुरक्षा ऑडिट: राज्यभर के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, खासकर NICU और ICU वार्डों के इलेक्ट्रिकल व फायर ऑडिट के निर्देश दिए गए हैं।

    सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल

    सरकारी अस्पतालों में लगातार हो रहे ऐसे हादसों ने स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

    • उपकरणों का नियमित रखरखाव: क्या वेंटिलेटर और अन्य लाइफ-सपोर्ट सिस्टम का समय पर मेंटेनेंस किया जा रहा था?
    • फायर सेफ्टी एनओसी (NOC): क्या अस्पताल के पास वैध अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र था और क्या वहां लगे उपकरण काम करने की स्थिति में थे?

    यह हादसा एक दर्दनाक रिमाइंडर है कि अस्पतालों में तकनीकी लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस तरह मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments