अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और आधुनिक प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए बड़े बदलाव की तैयारी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि के अनुसार, आने वाले समय में मंदिर में रोजाना पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और प्राप्त दानराशि का ब्योरा वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को मंदिर में आने वाले लोगों की संख्या और चढ़ावे से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है। इससे राम मंदिर की आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। खासतौर पर चढ़ावे से जुड़े हालिया विवादों के बीच यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
धार्मिक व्यवस्था में नहीं होगा बदलाव
ट्रस्ट के मुताबिक, मंदिर की पूजा-पद्धति, धार्मिक परंपराओं और उत्सवों के संचालन में संतों और विद्वान आचार्यों का मार्गदर्शन पहले की तरह जारी रहेगा। बदलाव मुख्य रूप से प्रशासनिक और व्यावहारिक व्यवस्थाओं में किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, सेवा, कर्मचारियों के प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं को आधुनिक प्रणाली के तहत बेहतर करने की तैयारी है।
संतों और स्थानीय लोगों की बढ़ेगी भागीदारी
राम मंदिर ट्रस्ट अयोध्या के संतों और स्थानीय लोगों की भागीदारी भी बढ़ाने पर जोर दे रहा है। ट्रस्ट का मानना है कि मंदिर और अयोध्या के बीच संवाद और जुड़ाव को मजबूत किया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए भविष्य की व्यवस्थाओं को विकसित करने की योजना है।
सीता रसोई और अन्नक्षेत्र में भी बदलाव
मंदिर की सीता रसोई और अन्नक्षेत्र की व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। फिलहाल सीता रसोई में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में खिचड़ी दी जाती है। अब भोजन और प्रसाद वितरण को अधिक व्यवस्थित, सम्मानजनक और सुविधाजनक बनाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।
500 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम
राम मंदिर परिसर में बन रहा भव्य ऑडिटोरियम भी नई व्यवस्थाओं का अहम हिस्सा होगा। इसके दिसंबर तक तैयार होने की संभावना है। इसमें एक साथ करीब 500 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। यहां धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले कलाकारों को मंच देने की योजना है।
नए CEO संभाल रहे व्यवस्था की जिम्मेदारी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त CEO एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र ने भी नई जिम्मेदारी संभालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने अयोध्या प्रवास के दौरान मंदिर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। सुरक्षा, कर्मचारियों, सेवा-पूजा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
जितेंद्र मिश्र के अनुसार, फिलहाल वह पूरे सिस्टम को समझ रहे हैं। आगे एक टीम गठित कर मौजूदा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। ऐसे में वेबसाइट पर दान और श्रद्धालुओं के आंकड़े सार्वजनिक करने से लेकर भोजन, सुरक्षा और प्रशासन तक कई स्तरों पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


