स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Commonwealth Games 2026) में भारतीय भारोत्तोलक चानमबम ऋषिकांता सिंह (Chanambam Rishikanta Singh) ने पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में ऋषिकांता ने कुल 264 किग्रा (स्नैच 121 किग्रा + क्लीन एंड जर्क 143 किग्रा) वजन उठाकर भारत को जारी खेलों में दूसरा पदक दिलाया।
कौन हैं ऋषिकांता सिंह?
- मूल निवास: ऋषिकांता सिंह मणिपुर के इंफाल वेस्ट जिले के रहने वाले हैं।
- शुरुआती सफर: उन्होंने वर्ष 2009 में मणिपुर स्पोर्ट्स अकादमी से भारोत्तोलन की शुरुआत की थी।
- नौसेना से सेना तक: स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) केंद्र में प्रशिक्षण के बाद वे भारतीय नौसेना से जुड़े और वर्तमान में भारतीय सेना के स्पोर्ट्स सेटअप का हिस्सा हैं।
- अंतरराष्ट्रीय पहचान: ऋषिकांता 2025 राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता रह चुके हैं और बर्मिंघम CWG 2022 में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
स्नैच में बनाया राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड
प्रतियोगिता के स्नैच दौर में ऋषिकांता ने जबरदस्त शुरुआत की।
- पहले प्रयास में 116 किग्रा और दूसरे में 119 किग्रा उठाया।
- अपने तीसरे और अंतिम प्रयास में उन्होंने 121 किग्रा का भार उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों (CWG) का नया स्नैच रिकॉर्ड कायम किया और तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।
कैसे हाथ से फिसला स्वर्ण पदक?
स्नैच दौर के बाद ऋषिकांता स्वर्ण पदक की दौड़ में सबसे आगे थे, लेकिन क्लीन एंड जर्क राउंड में परिस्थितियां बदल गईं:
- पहला प्रयास: उन्होंने 143 किग्रा का सफल लिफ्ट कर अपनी कुल बढ़त 264 किग्रा तक पहुंचा दी।
- दूसरा प्रयास: 148 किग्रा उठाने के प्रयास में वे असफल रहे।
- अंतिम प्रयास और रोमांच: मलेशिया के अनीक कसदान (Mohamad Aniq Kasdan) ने 149 किग्रा उठाकर बढ़त बना ली। स्वर्ण पदक वापस हासिल करने के लिए ऋषिकांता ने अपने अंतिम प्रयास में 151 किग्रा का भार चुना। उन्होंने बारबेल को कंधों तक तो सफलतापूर्वक उठा लिया (क्लीन), लेकिन सिर के ऊपर लॉक (जर्क) नहीं कर सके।
आखिरी दो प्रयासों में चूकने के कारण ऋषिकांता को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं मलेशिया के अनीक कसदान ने कुल 273 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता।
“रजत पदक के साथ ऋषिकांता सिंह ने 2026 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का मान बढ़ाया है और स्नैच रिकॉर्ड बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।”


