देश के कई हिस्सों में सितंबर के आखिरी सप्ताह में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। ओडिशा में लगातार बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। वहीं, छत्तीसगढ़ में बारिश और बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए 26 सितंबर को सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।
ओडिशा में बारिश और बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, ओडिशा में सक्रिय गहरा दबाव अब कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है और आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ की ओर पहुंच गया है। इसके बावजूद राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, क्योंझर, मयूरभंज, नुआपाड़ा और नबरंगपुर में शनिवार सुबह तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
लगातार बारिश से कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कुछ स्थानों पर पानी खतरे के निशान के ऊपर भी पहुंचा है। हालांकि, जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बारिश की तीव्रता कम होने के कारण फिलहाल बड़े स्तर की बाढ़ का खतरा कम हुआ है। राज्य के कई जिलों में एहतियातन स्कूल भी बंद किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में 26 सितंबर को स्कूल बंद
छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश और जलभराव की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने 26 सितंबर को सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। बस्तर संभाग समेत कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका है। सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।
राज्य में 1 जून से 25 सितंबर तक औसतन 1,082.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 10 साल के मौसमी औसत 1,081.5 मिलीमीटर के लगभग बराबर है। पिछले 24 घंटे में ही औसतन 52.8 मिलीमीटर बारिश हुई।
यूपी में रेड और ऑरेंज अलर्ट
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। पूर्वी यूपी में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि पश्चिमी यूपी में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, रायबरेली, अयोध्या, बस्ती, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर प्रशासन सक्रिय है।
भारी बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और अचानक बाढ़ का खतरा भी बताया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अधिकारियों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर स्कूल बंद करने जैसे कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
कई राज्यों में बारिश का असर
आईएमडी के अनुसार छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश से जलभराव, बाढ़ और कुछ स्थानों पर भूस्खलन जैसी समस्याओं का जोखिम बना हुआ है। ऐसे में लोगों को निचले इलाकों और जलभराव वाली सड़कों से बचने तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।


