राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर छिड़े राजनीतिक विवाद में उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। हरक सिंह रावत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “क्या हम बीजेपी के टट्टू हैं कि वे जो कहें, हम वही करें?”
बयान के मुख्य बिंदु
- संविधान और 1937 के प्रस्ताव का हवाला: हरक सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बनाए संविधान पर चलने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति ने अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल पहले दो छंद (स्टैंजा) गाने का आधिकारिक निर्णय लिया है, जो 1937 के कांग्रेस प्रस्ताव के अनुरूप है और पार्टी संविधान के अनुसार ही अपने फैसले लेगी।
- भाजपा पर पलटवार: भाजपा को चुनौती देते हुए रावत ने कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे सार्वजनिक रूप से यह कहें कि वे बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान, ‘जन गण मन’, ‘वंदे मातरम’ और देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को नहीं मानते।
- सनातनी और धार्मिक ज्ञान की बात: अपने चिरपरिचित अंदाज में हरक सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता भाजपा वालों से बड़े सनातनी और आस्तिक हैं, लेकिन वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर धार्मिक प्रवचन और धर्म-कर्म के ज्ञान की बात हो, तो वे भाजपा के नेताओं को आसानी से हरा सकते हैं।
विवाद का पृष्ठभूमि
कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा सार्वजनिक कार्यक्रमों में पूरा ‘वंदे मातरम’ न गाकर केवल शुरुआती दो छंद गाने के फैसले पर भाजपा लगातार हमलावर है और इसे राष्ट्रगीत का अनादर बता रही है। इसी के जवाब में हरक सिंह रावत और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित कई कांग्रेसी नेता भाजपा के राष्ट्रवाद और नीयत पर सवाल उठा रहे हैं।


